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विश्व वन्यजीव दिवस: 3 मार्च

वन्य जीवों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 3 मार्च का दिन वन्यजीव दिवस के रूप में मनाया जाता है। वन्यजीवों से हमें भोजन तथा औषधियों के अलावा भी अनेक प्रकार के फायदे मिलते हैं। इसके अलावा वन्यजीव जलवायु को संतुलित रखने में भी सहायता करते हैं। दुनियाभर से लुप्त हो रहे वनस्पतियों और जंगली जीव-जंतुओं की प्रजातियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (world wildlife day) मनाया जाता है।

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इस दिवस को मनाने का मकसद बहुत ही साफ है कि दुनियाभर में जिस भी वजहों से वन्यजीव और वनस्पतियों लुप्त हो रही हैं उन्हें बचाने के तरीकों पर काम करना। पृथ्वी की जैव विविधता को बनाए रखने के लिए वनस्पतियां और जीव-जंतु बहुत जरूरी हैं। लेकिन पर्यावरण के असंतुलन और तरह-तरह के एक्सरपेरिमेंट्स के कुछ सारे जीव और वनस्पतियों का अस्तित्व खतरे में है।

 

पहली बार यह दिवस कब मनाया गया?

 

3 मार्च 2014 को पहली बार विश्व वन्यजीव दिवस मनाया गया था। दुनियाभर में जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की अनेक प्रजातियां धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं। भारत में इस समय 900 से भी ज्यादा जीवों की प्रजातियां खतरे में हैं। समय रहते इस ओर ध्यान न दिया गया तो स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।

 

विश्व वन्यजीव दिवस 2023 की थीम

विश्व वन्यजीव दिवस (World Wildlife Day) हर साल एक थीम के साथ मनाया जाता है। विश्व वन्यजीव दिवस 2023 की थीम है “वन्यजीव संरक्षण के लिए साझेदारी” है। साल 2022 में विश्व वन्य जीव दिवस की थीम थी “पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के लिए प्रमुख प्रजातियों को फिर से लागू करना”।

 

क्यों मनाया जाता है विश्व वन्यजीव दिवस?

 

वन्यजीवों से हमें भोजन तथा औषधियों के अलावा और भी कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। इसमें से एक है वन्यजीव जलवायु संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं। ये मानसून को नियमित रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों की पुनःप्राप्ति में सहयोग करते हैं। पर्यावरण में जीव-जंतु तथा पेड़-पौधों के योगदान को पहचानकर तथा धरती पर जीवन के लिए वन्यजीवों के अस्तित्व का महत्व समझते हुए हर साल विश्व वन्यजीव दिवस अथवा वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे मनाया जाता है।

 

विश्व वन्यजीव दिवस की इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2013 को, अपने 68वें अधिवेशन में वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने एवं वनस्पति के लुप्तप्राय प्रजाति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 3 मार्च को हर साल विश्व वन्यजीव दिवस मनाने की घोषणा की थी। वन्य जीवों को विलुप्त होने से रोकने के लिए सबसे पहले साल 1872 में वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट पारित हुआ था।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

 

  • वर्ल्ड वाइड फंड मुख्यालय: ग्लैंड, स्विट्जरलैंड;
  • वर्ल्ड वाइड फंड की स्थापना: 29 अप्रैल 1961, मोर्गेस, स्विट्जरलैंड;
  • वर्ल्ड वाइड फंड निदेशक: मार्को लैम्बर्टिनी।

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vikash

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