संयुक्त राष्ट्र के हिरासत में लिए गए और लापता कर्मचारियों के साथ एकजुटता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की सुरक्षा, वैश्विक शांतिरक्षा के जोखिमों और अपहृत कर्मियों के लिए न्याय पर प्रकाश डालता है। इसके उद्भव, उद्देश्य और महत्व के बारे में जानें।
संयुक्त राष्ट्र के उन कर्मियों के प्रति एकजुटता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है जो वैश्विक स्तर पर सेवा करते हुए अपनी जान जोखिम में डालते हैं और अक्सर गंवा देते हैं। यह दिवस विश्व भर में हर साल 25 मार्च को मनाया जाता है। शांति सैनिकों और मानवीय सहायता कर्मियों पर बढ़ते खतरों के कारण हाल के वर्षों में इस दिवस का महत्व और भी बढ़ गया है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों के सामने आने वाले खतरों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक कार्रवाई का आह्वान करता है।
1945 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना के बाद से मानवीय और शांतिरक्षा कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी जान गंवाई है।
1990 के दशक में बढ़ते खतरे
1990 के दशक ने संयुक्त राष्ट्र कर्मियों के जीवन की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत दिया।
दिन-प्रतिदिन बढ़ते इन खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाए।
प्रमुख घटनाक्रम
सम्मेलन का महत्व
इस दिन को मनाने का संबंध एक दुखद वास्तविक घटना से जुड़ा हुआ है।
एलेक कोलेट कौन थे?
समाधान के लिए लंबा इंतजार
अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता दिवस केवल स्मरणोत्सव के बारे में नहीं है, बल्कि यह कार्रवाई के लिए एक आह्वान भी है।
आज के दिन के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र और संबद्ध कर्मियों की सुरक्षा संबंधी सम्मेलन को कब अपनाया गया था?
ए. 1993
बी. 1994
सी. 2001
डी. 1985
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