विश्व आघात दिवस (World Trauma Day) प्रतिवर्ष 17 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद ट्रॉमा के कारण, लक्षण और इसके रोकथाम के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। ट्रॉमा किसी भी उम्र में व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। यह शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से लोगों को प्रभावित करती है।
यह दिवस सबसे नाज़ुक क्षणों के दौरान जीवन को बचाने और सुरक्षा के महत्त्व पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी एवं महत्त्वपूर्ण उपायों को अपनाने के लिए मनाया जाता है। इस दिन हिंसा और आघात के परिणामस्वरूप मारे गए या घायल हुए लोगों को याद करने के लिए दुनिया भर के लोग एक साथ आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर में मृत्यु एवं विकलांगता का प्रमुख कारण आघात है।
इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2011 में हुई, तभी से 17 अक्टूबर का दिन हर साल वर्ल्ड ट्रॉमा डे के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन को मनाने का उद्देश्य ट्रॉमा से शिकार व्यक्ति की उचित देखभाल के लिए लोगों को जागरूक करना है। किसी भी हादसे के दौरान व्यक्ति को समय पर ट्रॉमा से निकालने के महत्व को बढ़ावा देना है।
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