2006 में इसकी स्थापना के बाद से, विश्व प्रवासी पक्षी दिवस को वर्ष में दो बार मनाया जाता है। यह दिवस मई के दूसरे शनिवार और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस साल, यह पहले 14 मई को मनाया गया था और दूसरी बार, दुनिया इस दिन को आज 8 अक्टूबर को फिर से मना रही है। हर साल दुनिया भर में लोग विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाने के लिए पक्षी उत्सव, शिक्षा कार्यक्रम, प्रदर्शनियां और पक्षी-देखने के भ्रमण जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
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इस बार यानी 2022 की विश्व प्रवासी पक्षी दिवस की थीम प्रकाश प्रदूषण पर केंद्रित है। दुनिया भर में हर साल कृत्रिम प्रकाश कम से कम 2 फीसदी बढ़ रहा है और यह कई पक्षी प्रजातियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए जाना जाता है। प्रकाश प्रदूषण प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है, जो रात में उड़ने पर भटकाव पैदा करता है, जिससे ये इमारतों से टकरा जाते हैं। उनकी आंतरिक घड़ियों में गड़बड़ी होती है या लंबी दूरी के प्रवास करने की उनकी क्षमता में हस्तक्षेप होता है।
प्रवासी पक्षी हमारे और पारिस्थितिक तंत्र के लिए काफी फायदेमंद हैं पक्षियों के द्वारा ही फूलों में परागकण प्रक्रिया, बीज फैलाव एवं कीट नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। साथ ही यह पर्यटन और फोटोग्राफी जैसी प्रमुख आर्थिक लाभ और लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं।
प्रवासी पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण की आवश्यकता को विश्व भर के लोगों को समझाने और उन्हें जागरुक करने के लिए साल में दो बार मई और अक्टूबर के दूसरे शनिवार को विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाया जाता है। विश्व प्रवासी पक्षी दिवस की शुरुआत साल 2006 में अफ्रीकन-यूरेशियन वॉटरबर्ड एग्रीमेंट (AEWA) और वन्यजीवों की प्रवासी प्रजाति (CMS) के संरक्षण पर समझौते द्वारा सचिवालय के सहयोग से की गई थी।
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