विश्व धरोहर दिवस अथवा विश्व विरासत दिवस (World Heritage Day), प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाता है. यह दिवस हमारे आसपास दिखाई देने वाली सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. इसका उद्देश्य ऐतिहासिक स्मारकों और स्थलों को बढ़ावा देना भी है, जिनके माध्यम से हम वास्तव में एक समुदाय की सांस्कृतिक अखंडता को संरक्षित कर सकते हैं.
इस वर्ष का विषय “कॉम्प्लेक्स पास्ट्स: डाइवर्स फ्यूचर्स (Complex Pasts: Diverse Futures)” अधिक समावेश और विविधता की मान्यता के लिए वैश्विक कॉल को स्वीकार करने की आवश्यकता को दर्शाता है.
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विश्व विरासत दिवस का इतिहास:
अंतर्राष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (International Council on Monuments and Sites-ICOMOS) ने 1982 में 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस के रूप में घोषित किया. इसे 1983 में यूनेस्को की महासभा द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत, स्मारकों के महत्व और उनका संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाना था.
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