विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 28 जुलाई को “विश्व हेपेटाइटिस दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को हेपेटाइटिस रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। हेपेटाइटिस लीवर (यकृत) की सूजन है, जो रोग की स्थिति आत्म-सीमित या क्रोनिक हेपेटाइटिस में बढ़ सकती है, और जिससे लीवर पर निशान (लीवर का सिकुड़ना) या लीवर कैंसर हो सकता है।
इस वर्ष की थीम “Hepatitis-free future” है, जिसमें मा और नवजात शिशुओं में हेपेटाइटिस बी को रोकने पर केन्द्रित है।
हेपेटाइटिस वायरस पांच प्रकार- हेपेटाइटिस A, B, C, D and E का होता है। इनमें से हेपेटाइटिस बी और सी क्रोनिक संक्रमण हैं, जिसमें लंबे समय तक, कभी-कभी वर्षों या दशकों तक लक्षण नहीं दिखाई देते है, और जो लीवर (यकृत) कैंसर का मूल कारण है, जिससे प्रतिवर्ष 1.34 मिलियन लोगो की मृत्यु हो जाती हैं।
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के लिए 28 जुलाई की तारीख का चयन इसलिए किया गया था, क्योंकि इस दिन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ बारुख ब्लंबरबर्ग का जन्मदिन है, जिन्होंने हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) की खोज की तथा वायरस के लिए नैदानिक परीक्षण तथा टीका विकसित किया था।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- डब्ल्यूएचओ मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड; महानिदेशक: टेड्रोस अदनोम



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