EU ने ईरान के IRGC को आतंकवादी ग्रुप क्यों घोषित किया है?

एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील निर्णय में यूरोपीय संघ (EU) ने औपचारिक रूप से ईरान की शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। यह कदम तेहरान के प्रति यूरोप के रुख में स्पष्ट कठोरता को दर्शाता है और IRGC को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त आतंकी संगठनों की कानूनी श्रेणी में रख देता है। इसके परिणामस्वरूप ईरान के साथ EU के सुरक्षा, कानूनी और कूटनीतिक संबंधों की प्रकृति में बुनियादी बदलाव आएगा।

IRGC क्या है?

  • इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की स्थापना 1979 में ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद धार्मिक शासन व्यवस्था की रक्षा के लिए की गई थी।
  • समय के साथ यह एक समानांतर शक्ति संरचना में बदल गया, जिसका प्रभाव ईरान की सेना, खुफिया एजेंसियों, मिसाइल कार्यक्रम, अर्थव्यवस्था और विदेशी अभियानों तक फैल गया।
  • ईरान की सीमाओं के बाहर IRGC क्षेत्रीय सहयोगी गुटों और मिलिशियाओं के माध्यम से काम करता है, जिससे यह मध्य पूर्व की सुरक्षा राजनीति का एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है।
  • EU का तर्क है कि आंतरिक दमन और बाहरी उग्र गतिविधियों का यह संयोजन इसे आतंकी संगठन घोषित करने को उचित ठहराता है।

पृष्ठभूमि: EU ने यह कदम अभी क्यों उठाया?

  • कई हफ्तों की विचार-विमर्श प्रक्रिया के बाद EU के विदेश मंत्रियों ने इस निर्णय पर सहमति बनाई।
  • यह प्रक्रिया ईरान में देशव्यापी प्रदर्शनों पर कथित हिंसक दमन की रिपोर्टों के बाद तेज हुई।
  • यूरोपीय अधिकारियों ने हजारों कथित मौतों, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और नागरिकों पर व्यवस्थित दमन का हवाला दिया।
  • EU का निष्कर्ष था कि IRGC न केवल देश के भीतर राज्य हिंसा को लागू करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है, बल्कि विदेशों में भी अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों का समर्थन कर रहा है।
  • EU अधिकारियों के अनुसार, यही दोहरी भूमिका यूरोपीय कानून के तहत साधारण प्रतिबंधों से आगे बढ़कर आतंकवादी गतिविधि की श्रेणी में आती है।

यूरोप और इज़राइल की प्रतिक्रियाएँ

  • वरिष्ठ EU नेताओं ने कहा कि नागरिकों के खिलाफ लगातार हिंसा को अनुत्तरित नहीं छोड़ा जा सकता।
  • फ्रांस और इटली जैसे कुछ देश, जो शुरुआत में सतर्क थे, अंततः कानूनी स्पष्टता और सुरक्षा चिंताओं के आधार पर इस निर्णय के समर्थन में आ गए।
  • इज़राइल ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया।
  • इज़राइली अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय IRGC से जुड़े वित्तीय, लॉजिस्टिक और परिचालन नेटवर्क को बाधित करने की यूरोप की क्षमता को मजबूत करेगा, जिनमें से कई मध्य पूर्व से बाहर भी सक्रिय हैं।

कानूनी और सुरक्षा प्रभाव

  • आतंकी सूची में शामिल किए जाने से EU का कानूनी ढांचा पूरी तरह बदल जाता है।
  • अब अधिकारी केवल IRGC से संबद्धता के आधार पर कार्रवाई कर सकते हैं, बिना किसी विशिष्ट आतंकी हमले में प्रत्यक्ष संलिप्तता साबित किए।
  • इससे तेज़ अभियोजन, तत्काल संपत्ति जब्ती, यात्रा प्रतिबंध और आपराधिक जांच संभव हो जाती है।
  • यह कदम यूरोपोल के माध्यम से समन्वय को भी मजबूत करता है, जिससे खुफिया जानकारी साझा करने और सीमा-पार कार्रवाई में तेजी आएगी।
  • EU अधिकारियों का मानना है कि इससे यूरोप के भीतर IRGC की धन जुटाने और संचालन करने की क्षमता पर गंभीर अंकुश लगेगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

उत्तराखंड को एविएशन प्रमोशन के लिए बेस्ट स्टेट अवॉर्ड क्यों मिला?

उत्तराखंड, जो अपनी पहाड़ियों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, ने नागरिक…

19 mins ago

भारत 10 साल बाद अरब देशों के विदेश मंत्रियों से क्यों मिल रहा है?

भारत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है, जो अरब दुनिया के…

2 hours ago

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए 100 मीटर लंबा स्टील का पुल कैसे बनाया गया?

भारत की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग माइलस्टोन पार कर…

3 hours ago

भारत में NPA में तेज़ी से गिरावट और बैंकों के मुनाफ़े में बढ़ोतरी की वजह क्या है?

भारत की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली दशकों में अपनी सबसे मजबूत नींव दिखा रही है।…

3 hours ago

कर्नाटक भारत के GenAI बूम स्टार्टअप्स पर हावी क्यों है?

भारत की जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) इकोसिस्टम रिकॉर्ड गति से बढ़ रही है, और कर्नाटक…

4 hours ago

PFRDA की NPS स्वास्थ्य योजना क्या है और यह अस्पताल खर्च कैसे कवर करती है?

भारत के पेंशन नियामक ने एक अभिनव पायलट योजना शुरू की है। 27 जनवरी 2026…

5 hours ago