हैली गुब्बी ज्वालामुखी कहाँ स्थित है?

हैली गुब्बी इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित एक शील्ड ज्वालामुखी है। यह एर्टा एले पर्वतमाला की दक्षिणतम ज्वालामुखीय संरचना माना जाता है। हजारों वर्षों तक यह ज्वालामुखी पूरी तरह शांत था, और पिछले 12,000 वर्षों में इसके किसी भी ज्ञात विस्फोट का रिकॉर्ड नहीं मिला था। लेकिन नवंबर 2025 में इसकी यह लंबी शांति अचानक समाप्त हो गई, जब इसमें अप्रत्याशित रूप से विस्फोट हुआ।

हैली गुब्बी का स्थान

हैली गुब्बी एक शील्ड ज्वालामुखी है, जो इथियोपिया के अफार क्षेत्र में, देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह अर्ता एले पर्वतमाला का हिस्सा है, जो अपने सक्रिय ज्वालामुखीय परिदृश्य के लिए प्रसिद्ध है। हैली गुब्बी इस पर्वतमाला का सबसे दक्षिणी ज्वालामुखी है। यह क्षेत्र बेहद दुर्गम है—तेज़ गर्म रेगिस्तानों और पथरीले इलाकों से घिरा हुआ—जिसके कारण वैज्ञानिकों और यात्रियों के लिए यहां तक पहुंचना काफी कठिन होता है।

एक लंबे समय तक शांत रहा ज्वालामुखी

अफार क्षेत्र की दूरस्थता और कठिन भू-भाग के कारण यहां ज्वालामुखीय गतिविधियों के बहुत अधिक ऐतिहासिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। फिर भी, 2025 तक हैली गुब्बी में होलोसीन युग की शुरुआत (लगभग 12,000 वर्ष) से कोई ज्ञात विस्फोट नहीं हुआ था। इसी वजह से नवंबर 2025 में इसका अचानक सक्रिय हो जाना वैज्ञानिकों के लिए एक आश्चर्यजनक और महत्वपूर्ण घटना माना गया।

2025 का विस्फोटक ज्वालामुखी विस्फोट

2025 में हैली गुब्बी का विस्फोटक ज्वालामुखी विस्फोट अचानक और अत्यंत शक्तिशाली था, जिसने आकाश में ऊँचाई तक विशाल राख का बादल भेज दिया और वैज्ञानिकों को चौंका दिया।

विस्फोट कैसे शुरू हुआ?

23 नवंबर 2025 को टूलूज़ वॉल्केनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर (VAAC) ने घोषणा की कि हैली गुब्बी अचानक फट गया है। सैटेलाइट तस्वीरों में आकाश में उठते हुए एक बड़े राख बादल को स्पष्ट रूप से देखा गया।
विस्फोट लगभग 08:30 UTC पर शुरू हुआ और राख का बादल 45,000 फीट (14,000 मीटर) की ऊँचाई तक पहुँच गया—जो हवाई यातायात के लिए खतरनाक स्तर माना जाता है।

विस्फोट की प्रकृति

इस विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसे सब-प्लिनियन (Sub-Plinian) विस्फोट के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसका अर्थ है कि ज्वालामुखी ने एक ऊँचा और शक्तिशाली राख का स्तंभ (ash column) आकाश में भेजा। घटना के दौरान ली गई तस्वीरों में ज्वालामुखी के ऊपर उठता हुआ एक विशाल, चमकीला राख-स्तंभ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

शाम 20:00 UTC तक विस्फोट का मुख्य और तीव्र चरण लगभग समाप्त हो गया था।

राख के बादल की गति

प्रारंभिक विस्फोट के बाद, तेज हवाओं ने राख के बादल को अरब प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों की ओर धकेल दिया। यह बादल यमन और ओमान जैसे क्षेत्रों के ऊपर जाकर पहुँचा।

इससे वहाँ दृश्यता कम होने और वायु गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई थी। हालांकि, अब तक किसी बड़ी पर्यावरणीय या स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं हुई।

चिंताएँ और प्रभाव

1. वायु गुणवत्ता:
लोग चिंतित थे कि हवा में उड़ता ज्वालामुखीय राख का बादल कुछ क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता को खराब कर सकता है। हालांकि, बादल के फैलने के बावजूद किसी बड़े स्वास्थ्य या पर्यावरणीय खतरे की जानकारी नहीं मिली।

2. हवाई यात्रा:
ज्वालामुखीय राख विमानों के लिए खतरनाक होती है, क्योंकि यह इंजन को नुकसान पहुँचा सकती है और दृश्यता कम कर सकती है। इसलिए, अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी। सौभाग्य से, विस्फोट क्षेत्र से दूर हवाई मार्गों पर किसी बड़े व्यवधान की रिपोर्ट नहीं मिली।

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vikash

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