भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा अन्वेषण कंपनी ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) ने अपने रोज़मर्रा के संचालन में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है। पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़ते हुए, अब एक नया डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म कई AI टूल्स को एक ही इकोसिस्टम के तहत लाता है, जिसका उद्देश्य तेल और गैस संचालन में दक्षता, सुरक्षा और उत्पादन को बेहतर बनाना है।
प्रज्ञा-AIX एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो ONGC के विभिन्न AI अनुप्रयोगों को एकीकृत प्रणाली के रूप में जोड़ता है। अलग-अलग साइलो में काम करने वाले टूल्स के बजाय, यह प्लेटफ़ॉर्म एक ऐसा कार्यशील AI इकोसिस्टम तैयार करता है, जो ONGC के विभिन्न कार्य केंद्रों में दैनिक निर्णय-निर्माण में सहायता करता है। यह प्रयोगात्मक AI पायलट्स से आगे बढ़कर पूरे उद्यम स्तर पर AI को अपनाने की दिशा में बदलाव को दर्शाता है, जिससे डेटा-आधारित अंतर्दृष्टियों का तेज़ और समान रूप से उपयोग संभव होता है।
प्रज्ञा-AIX का मुख्य उद्देश्य विशाल परिचालन डेटा को उपयोगी और क्रियाशील बुद्धिमत्ता में बदलना है। यह प्लेटफ़ॉर्म भूकंपीय विश्लेषण, उत्पादन अनुकूलन और स्मार्ट फ़ील्ड मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण अपस्ट्रीम कार्यों को समर्थन देता है। उप-सतही व्याख्या और तेल क्षेत्रों की रियल-टाइम निगरानी को बेहतर बनाकर यह प्रणाली मौजूदा परिसंपत्तियों से अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करती है, साथ ही हाइड्रोकार्बन वैल्यू चेन में सुरक्षा और लागत-दक्षता भी बढ़ाती है।
ONGC ने प्रज्ञा-AIX को केवल एक सॉफ़्टवेयर टूल के रूप में नहीं, बल्कि एक नवाचार इकोसिस्टम के रूप में स्थापित किया है। यह प्लेटफ़ॉर्म संगठनात्मक साइलो को तोड़ने, तकनीकी टीमों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और भविष्य के AI समाधानों के लिए एक स्केलेबल आधार प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि नवाचार एक बार का डिजिटल अपग्रेड न होकर एक सतत परिचालन क्षमता बन जाए।
प्रज्ञा-AIX का लॉन्च भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के व्यापक लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है। अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों में AI को शामिल करके ONGC भविष्य की ऊर्जा मांगों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बेहतर रिकवरी दर, कम परिचालन जोखिम और तेज़ निर्णय-निर्माण देश को अपने घरेलू हाइड्रोकार्बन संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन करने में सक्षम बनाते हैं।
प्रज्ञा-AIX के गो-लाइव होने के साथ ही ONGC ने भारत के तेल और गैस क्षेत्र में डिजिटल अपनाने का एक नया मानक स्थापित किया है। यह पहल दिखाती है कि AI जैसी उन्नत तकनीकों को पारंपरिक रूप से जटिल उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर कैसे एकीकृत किया जा सकता है। साथ ही, यह ONGC की भूमिका को केवल एक ऊर्जा उत्पादक से आगे बढ़ाकर एक प्रौद्योगिकी-प्रेरित संगठन के रूप में मजबूत करती है, जो राष्ट्रीय विकास में योगदान देता है।
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