डोर्टमंड (Dortmund) में विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) ने व्लादिमीर क्रैमनिक (Vladimir Kramnik) को हराकर स्पार्कसन ट्रॉफी (Sparkassen Trophy) जीती। आनंद को नो-कास्टलिंग शतरंज (No-Castling Chess) स्पर्धा के अंतिम गेम में केवल ड्रॉ की जरूरत थी, और उन्होंने इसे 40 चालों में हासिल किया।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
क्रैमनिक (Kramnik), जिन्होंने खेल को कम अनुमान लगाने योग्य और अधिक गतिशील बनाने के इरादे से शतरंज के इस प्रकार की कल्पना की थी, को लगातार चेक देकर खेल को आकर्षित करने के लिए मजबूर किया गया था। आनंद दूसरी रानी को बोर्ड पर रखने से सिर्फ एक कदम दूर थे।
देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप…
अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा…
भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित…
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…
प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…