डोर्टमंड (Dortmund) में विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) ने व्लादिमीर क्रैमनिक (Vladimir Kramnik) को हराकर स्पार्कसन ट्रॉफी (Sparkassen Trophy) जीती। आनंद को नो-कास्टलिंग शतरंज (No-Castling Chess) स्पर्धा के अंतिम गेम में केवल ड्रॉ की जरूरत थी, और उन्होंने इसे 40 चालों में हासिल किया।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
क्रैमनिक (Kramnik), जिन्होंने खेल को कम अनुमान लगाने योग्य और अधिक गतिशील बनाने के इरादे से शतरंज के इस प्रकार की कल्पना की थी, को लगातार चेक देकर खेल को आकर्षित करने के लिए मजबूर किया गया था। आनंद दूसरी रानी को बोर्ड पर रखने से सिर्फ एक कदम दूर थे।




भारत का कौन-सा श...
भारत का पहला पू...
World Red Cross Day 2026: क्यो...


