
विजय माल्या एक नए धोखाधड़ी विरोधी कानून के तहत आरोपित होने वाले पहले व्यवसाय-प्रमुख बन गये है, उन्हें मुंबई की एक अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत एक अपराधी घोषित किया था. भ्रष्टाचार-निरोधी अदालत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा एक आवेदन पर सुनवाई कर रही है, जो श्री माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए एक दिशा की मांग कर रहा है.
नए कानून के अनुसार, एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी एक ऐसा व्यक्ति है जिसके खिलाफ कम से कम 100 करोड़ रूपये या उससे अधिक के देय से बचने के लिए भारत छोड़ने के आर्थिक अपराध में उसकी संलिप्तता के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है.
स्रोत: NDTV








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