वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को सर्विस के लिए मंज़ूरी मिली: जानें पहला रूट

भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्रा में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के सफल ट्रायल और प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) के साथ यह अगली पीढ़ी की ट्रेन रात भर की यात्राओं के लिए तैयार है। उच्च गति, आधुनिक सुविधाएँ और किफायती किराया इसे यात्री सुविधा और रेल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बनाते हैं।

खबर में क्यों?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने अपने सभी ट्रायल, परीक्षण और सुरक्षा प्रमाणन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि गुवाहाटी–कोलकाता (हावड़ा) मार्ग को इसकी पहली परिचालन रूट के रूप में चुना गया है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में

  • वंदे भारत स्लीपर, लोकप्रिय वंदे भारत एक्सप्रेस का स्वदेशी रूप से विकसित लंबी दूरी का संस्करण है।
  • चेयर कार संस्करण के विपरीत, इसे 1,000 किमी से अधिक की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इसमें स्लीपर बर्थ की सुविधा दी गई है, जिससे यह रात की यात्रा के लिए उपयुक्त बनती है।
  • यह ट्रेन गति, सुरक्षा और यात्री सुविधा पर विशेष जोर देती है।

पहला रूट: गुवाहाटी–कोलकाता कॉरिडोर

  • गुवाहाटी–कोलकाता (हावड़ा) मार्ग को अधिक यात्री मांग और लंबी यात्रा अवधि के कारण चुना गया है।
  • इस रूट पर हवाई किराया अक्सर ₹6,000 से ₹10,000 तक होता है।
  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इससे कहीं किफायती विकल्प प्रदान करती है।
  • इससे मध्यम वर्ग और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए प्रीमियम रेल यात्रा सुलभ होगी।

किफायती किराया संरचना

प्रस्तावित किराए यात्रियों की जेब को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं—

  • 3AC: लगभग ₹2,300
  • 2AC: लगभग ₹3,000
  • फर्स्ट AC: लगभग ₹3,600

ये किराए इसे हवाई यात्रा की तुलना में कम खर्चीला, लेकिन पारंपरिक ट्रेनों से काफी अधिक आरामदायक बनाते हैं।

उच्च गति ट्रायल और प्रमाणन

  • अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल कोटा–नागदा सेक्शन पर रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की निगरानी में किया गया।
  • ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की।
  • ब्रेकिंग सिस्टम, राइड स्टेबिलिटी, वाइब्रेशन कंट्रोल, आपात प्रतिक्रिया और समग्र सुरक्षा की गहन जांच की गई।
  • सभी मानक संतोषजनक पाए गए, जिसके बाद इसे आधिकारिक मंजूरी मिली।

मुख्य विशेषताएँ और तकनीक

16 कोच की इस ट्रेन में विश्वस्तरीय सुविधाएँ हैं—

  • आरामदायक स्लीपर बर्थ
  • उन्नत सस्पेंशन सिस्टम
  • ऑटोमैटिक दरवाजे
  • आधुनिक शौचालय

डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम

सीसीटीवी निगरानी

सुरक्षा सुविधाओं में शामिल हैं—

  • कवच (KAVACH) ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम
  • क्रैशवर्थी कपलर
  • अग्नि पहचान और दमन प्रणाली
  • रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग

भारत में वंदे भारत ट्रेनें

  • वंदे भारत श्रृंखला मेक इन इंडिया पहल के तहत रेल तकनीक में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
  • 2019 में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस के बाद से इन ट्रेनों ने सेमी-हाई-स्पीड रेल यात्रा को नई पहचान दी है।
  • स्लीपर संस्करण इस सफलता को लंबी दूरी और रात्रिकालीन यात्रा तक विस्तार देता है।

भविष्य की विस्तार योजनाएँ

  • रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष के अंत तक लगभग 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें रेल नेटवर्क में शामिल की जाएंगी।
  • अगले वर्ष इनका विस्तार और तेज होने की संभावना है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में लंबी दूरी के मार्गों को आधुनिक रेल तकनीक का लाभ मिलेगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

राजस्थान का अलवर 81 वन्यजीव प्रजातियों के साथ एक बड़ा बायोलॉजिकल पार्क विकसित करेगा

राजस्थान अपने वन्यजीव पर्यटन में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ने जा रहा है। अलवर जिले…

3 hours ago

गणतंत्र दिवस 2026: गणतंत्र दिवस पर छोटे और लंबे भाषण

गणतंत्र दिवस भारत के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है, जिसे हर वर्ष…

4 hours ago

टाटा ग्रुप महाराष्ट्र की AI इनोवेशन सिटी में 11 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा

भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक…

5 hours ago

पराक्रम दिवस 2026: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती

पराक्रम दिवस 2026 भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति और…

6 hours ago

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने राम जन्मभूमि यात्रा पर पुस्तक का विमोचन किया

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति निवास (Vice President’s…

6 hours ago

MSDE ने व्यावसायिक शिक्षा और कौशल को बढ़ावा देने के लिए WEF के साथ ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर किए

भारत ने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम…

6 hours ago