सरकार ने तंबाकू और पान मसाला उत्पादों के कराधान में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 1 फरवरी से एक नई कर व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत मौजूदा क्षतिपूर्ति उपकर (Compensation Cess) को हटाकर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और एक नया उपकर लगाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य तथाकथित सिन गुड्स पर अधिक कर लगाकर राजस्व बढ़ाना और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति को मजबूती देना है।
केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से अधिसूचना जारी कर बताया है कि 1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (Health and National Security Cess) लगाया जाएगा। ये नए कर मौजूदा क्षतिपूर्ति उपकर की जगह लेंगे।
सरकार ने कर प्रणाली में दो प्रमुख बदलाव किए हैं—
1 फरवरी से कर संरचना इस प्रकार होगी—
GST के अलावा—
नए उपकर और अतिरिक्त उत्पाद शुल्क क्षतिपूर्ति उपकर की जगह लेंगे, जो पहले GST के तहत सिन गुड्स पर लगाया जाता था। क्षतिपूर्ति उपकर का उद्देश्य राज्यों को GST लागू होने के बाद हुए राजस्व नुकसान की भरपाई करना था। अब तंबाकू और पान मसाला पर कराधान एक नए तंत्र के तहत किया जाएगा।
दिसंबर में संसद ने दो विधेयकों को मंजूरी दी, जिनके तहत—
तंबाकू, शराब और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर भारत में भारी कर लगाए जाते हैं ताकि—
सयानी गुप्ता को हार्वर्ड साउथ एशियन ‘पर्सन ऑफ़ द ईयर’ 2026 चुना गया है। यह…
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने 2026-27 के घरेलू सीज़न से 'खिलाड़ी अनुबंध प्रणाली' (Player Contract…
भारतीय संसद के गलियारों में ऐसी गहमागहमी है, जो दशकों में शायद ही कभी देखने…
देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए, PM नरेंद्र मोदी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस…
भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को यहां मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस…
हरिवंश लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति के पद पर निर्विरोध चुने गए हैं। यह…