US Fed Rate Cut: फेड ने ब्याज दरों में की 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व (Fed) ने 2025 में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 25 बेसिस अंक की कटौती करते हुए इसे 4.00%–4.25% की नई सीमा में ला दिया है। यह कदम संभावित दर घटाने (rate easing) चक्र की शुरुआत का संकेत देता है, जिसका उद्देश्य लगातार बनी हुई महंगाई और ठंडी पड़ती श्रम बाज़ार स्थिति तथा आर्थिक वृद्धि में मंदी के बीच संतुलन बनाना है। यह निर्णय उन विद्यार्थियों और विश्लेषकों के लिए अहम है जो वैश्विक आर्थिक प्रवृत्तियों, केंद्रीय बैंकों के उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक गतिशीलताओं का अध्ययन करते हैं।

प्रमुख घोषणाएँ

  • 2025 की पहली छमाही में आर्थिक वृद्धि धीमी रही।

  • रोज़गार सृजन में कमी आई और बेरोज़गारी दर थोड़ी बढ़ी।

  • महंगाई अभी भी 2% लक्ष्य से ऊपर है, लेकिन इसमें नरमी के संकेत दिखे।

  • फेड ने अपने द्वैत उद्देश्य (मूल्य स्थिरता और अधिकतम रोज़गार) के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

  • एक समिति सदस्य ने अधिक आक्रामक दर कटौती का पक्ष लिया।

फेड ने दरें क्यों घटाईं

  1. श्रम बाज़ार की कमजोरी

    • रोज़गार सृजन घटा है और श्रम संकेतकों में नरमी दिखी, जिससे आर्थिक मजबूती को लेकर चिंता बढ़ी।

  2. विकास की मंदी

    • उपभोग व्यय, विनिर्माण गतिविधि और आवास क्षेत्र में गिरावट दर्ज हुई, जिसके चलते फेड ने अधिक सहयोगात्मक रुख अपनाया।

  3. महंगाई नियंत्रण

    • महंगाई लक्ष्य से ऊपर है, लेकिन इसमें गिरावट का रुझान दिख रहा है, जिससे फेड को कदम उठाने की गुंजाइश मिली।

दर कटौती के प्रभाव

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर

  • घरों और व्यवसायों के लिए उधार सस्ता होगा, जिससे निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा।

  • आवास और ऑटो सेक्टर को राहत मिलेगी।

  • यह कदम गहरी आर्थिक मंदी को रोकने में मदद कर सकता है।

वैश्विक बाज़ार पर

  • वैश्विक मौद्रिक नीतियों में नरमी का संकेत मिल सकता है, जिससे अन्य केंद्रीय बैंक भी दरें घटाने पर विचार कर सकते हैं।

  • उभरते बाज़ारों में पूंजी प्रवाह के रुझान बदल सकते हैं, जिससे मुद्राओं और ऋण बाज़ार पर असर पड़ेगा।

  • निवेशक अधिक तरलता और कम प्रतिफल (yield) की अपेक्षा में पोर्टफोलियो समायोजित कर सकते हैं।

याद रखने योग्य तथ्य

  • कटौती: 25 बेसिस अंक

  • नई ब्याज दर सीमा: 4.00%–4.25%

  • मुख्य कारण: श्रम बाज़ार की कमजोरी और आर्थिक वृद्धि में मंदी

  • फेड का रुख: आंकड़ों पर आधारित दृष्टिकोण और द्वैत उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

475 वर्ष पुराना वसई कैथेड्रल को यूनेस्को पुरस्कार: सामुदायिक संरक्षण को मिला वैश्विक सम्मान

महाराष्ट्र के वसई (पापडी गांव) में स्थित 475 वर्ष पुराना अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस कैथेड्रल…

14 hours ago

UGC ने पूरे भारत में 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान की, यह राज्य लिस्ट में सबसे ऊपर

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक बार फिर देश में चल रही फर्जी यूनिवर्सिटीज की…

14 hours ago

राष्ट्रपति भवन में लुटियंस की जगह लगाई गई राजाजी की प्रतिमा

राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी 2026 को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन…

15 hours ago

पंजाब सरकार ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत 40 लाख परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ योजना शुरु करने की 23 फरवरी 2026…

15 hours ago

शशि थरूर को सेंट जेवियर विश्वविद्यालय, कोलकाता ने मानद डीलिट की उपाधि दी

लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के…

15 hours ago

भारत-अमेरिका वज्र प्रहार 2026: हिमाचल में 16वें संयुक्त अभ्यास के लिए विशेष बल तैयार

भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित…

15 hours ago