अमेरिकी शोधकर्ताओं ने 13 दिसंबर को एक ऐतिहासिक परमाणु संलयन सफलता की घोषणा की जो असीमित, स्वच्छ ऊर्जा के स्रोत और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को समाप्त करने की दिशा में एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” है। परमाणु संलयन में यह सफलता असीमित स्वच्छ ऊर्जा ला सकती है और इससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल सकती है।
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इतिहास में पहली बार अमेरिका के कैलिफोर्निया में लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी में नेशनल इग्निशन फैसिलिटी में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने परमाणु संलयन अभिक्रिया को अंजाम दिया है, जिसके चलते सूर्य की तरह ही बिल्कुल शुद्ध ऊर्जा (कॉर्बन फ्री एनर्जी) का उत्पादन किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार अगर सबकुछ सही रहता है तो जीवाश्म ऊर्जा जैसे गैस, पेट्रोल और डीजल से अमेरिका की निर्भरता कम हो सकती है।
परमाणु संलयन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा भारी मात्रा में ऊर्जा जारी करते हुए दो हल्के परमाणु नाभिक मिलकर एक भारी परमाणु बनाते हैं। यह वह प्रक्रिया है जो सूर्य और अन्य तारों को शक्ति प्रदान करती है। यह प्रकाश परमाणुओं के जोड़े लेकर और उन्हें एक साथ मजबूर करके काम करता है और भारी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करता है।
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