डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि राज्य की आगामी ‘ज़ीरो पावर्टी मिशन’ योजना का नाम भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा। इस योजना का उद्देश्य हर गरीब और वंचित व्यक्ति को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना है। लखनऊ में अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने विपक्षी दलों पर अंबेडकर की विरासत का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा उनकी विचारधारा को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी, लेकिन दलित कल्याण और अंबेडकरवादी दृष्टिकोण को लेकर उनके दृष्टिकोण योगी सरकार से भिन्न नजर आए। इस अवसर ने राज्य की राजनीति में सामाजिक न्याय और दलित सशक्तिकरण पर बहस को फिर से केंद्र में ला दिया।
14 अप्रैल 2025, डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि राज्य की ‘शून्य गरीबी योजना’ का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा।
यह घोषणा लखनऊ स्थित अंबेडकर महासभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई।
उत्तर प्रदेश (भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य) में गरीबी को पूरी तरह समाप्त करना।
सभी वंचित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं समग्र रूप से उपलब्ध कराना।
सैचुरेशन अप्रोच – यानी यह सुनिश्चित करना कि हर पात्र परिवार तक सभी सरकारी लाभ पहुंचें।
समाज के हाशिए पर बसे और जनजातीय समुदाय जैसे:
मुसहर
वनटांगिया
थारू
सहरिया
गोंड
कोल
भूमि आवंटन
आवास
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय
पेंशन योजनाएं
राशन कार्ड
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड
एक साथ 14 से 15 लाख परिवारों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी।
हर ग्राम पंचायत में 20–25 ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी जिन्हें अब तक लाभ नहीं मिला है।
80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना)
50 करोड़ लाभार्थी – आयुष्मान भारत
12 करोड़ घरों में शौचालय
10 करोड़ उज्ज्वला योजना से लाभान्वित परिवार
45 करोड़ जनधन खाते
4 करोड़ परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर
यह योजना न केवल बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को सम्मान देने की दिशा में एक कदम है, बल्कि उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाएं पहुँचाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
| सारांश/स्थैतिक जानकारी | विवरण |
| समाचार में क्यों? | यूपी की ‘शून्य गरीबी योजना’ को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा |
| अवसर | डॉ. अंबेडकर की 134वीं जयंती (14 अप्रैल 2025) |
| घोषणा किसने की? | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |
| योजना का नाम | डॉ. भीमराव अंबेडकर शून्य गरीबी योजना |
| उद्देश्य | उत्तर प्रदेश से गरीबी का पूर्ण उन्मूलन |
| लक्षित समुदाय | मुसहर, वनटांगिया, थारू, सहरिया, गोंड, कोल |
| योजना के लाभ | भूमि, आवास, शौचालय, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड |
| कार्यान्वयन का स्तर | एक साथ 14–15 लाख परिवारों को लाभ |
| ग्राम पंचायतों पर ध्यान | प्रत्येक पंचायत में 20–25 वंचित परिवारों को सभी योजनाओं से संतृप्त करना |
| संबंधित केंद्रीय योजनाएं | आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, पीएम आवास, मुफ्त राशन आदि |
| मुख्यमंत्री योगी का उद्धरण | “शिक्षित बनो। यदि हम शिक्षित होंगे, तो हम भटकेंगे नहीं।” |
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