मल्टी-कोर फाइबर पर भारत का पहला क्वांटम कुंजी वितरण (क्यूकेडी)

सी-डॉट ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (एसटीएल) के साथ मिलकर 4-कोर मल्टी-कोर फाइबर (एमसीएफ) पर भारत के पहले क्यूकेडी ट्रांसमिशन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह क्वांटम-सुरक्षित संचार नेटवर्क की दिशा में देश की महत्‍वपूर्ण उपलब्धि है। मल्टी-कोर फाइबर (एमसीएफ) तकनीक एक ही फाइबर के भीतर कई कोर में डेटा ट्रांसमिशन को सक्षम करके शक्तिशाली समाधान प्रदान करती है। इससे भौतिक स्थान और बुनियादी ढांचे की लागत में काफी बचत होती है। क्‍यूकेडी के लिए आमतौर पर क्वांटम चैनल के लिए एक समर्पित डार्क फाइबर की आवश्यकता होती है। इसके संदर्भ में – एमसीएफ एक महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है: यह एकल फाइबर के भीतर अलग-अलग कोर में क्वांटम और पारम्‍परिक संकेतों के भौतिक पृथक्करण को सक्षम बनाता है। यह क्वांटम सिग्नल संचार से समझौता किए बिना एक ही फाइबर पर क्‍यूकेडी और उच्च क्षमता वाले डेटा ट्रैफ़िक के एक साथ प्रसारण की अनुमति देता है जिससे फाइबर की लागत बचती है।

प्रमुख बिंदु

भारत में पहली बार:

4-कोर मल्टी-कोर फाइबर (MCF) पर QKD का सफल प्रदर्शन — यह भारत में अपनी तरह की पहली उपलब्धि है।

साझेदार:

यह एक संयुक्त पहल है:

  • सी-डॉट (C-DOT) — भारत का दूरसंचार अनुसंधान केंद्र, संचार मंत्रालय (DoT) के तहत

  • स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Sterlite Technologies Ltd.) — वैश्विक ऑप्टिकल नेटवर्किंग में अग्रणी

दूरी:

100 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर QKD ट्रांसमिशन का परीक्षण और सफलता से संचालन किया गया।

कोर उपयोग:

  • एक कोर: केवल QKD (क्वांटम सिग्नल) के लिए समर्पित

  • बाकी तीन कोर: उच्च गति वाले पारंपरिक (classical) डेटा ट्रैफिक के लिए

MCF (मल्टी-कोर फाइबर) का महत्व:

  • क्वांटम और पारंपरिक सिग्नलों के बीच भौतिक पृथक्करण की सुविधा देता है

  • बिना हस्तक्षेप के एक साथ संचार संभव बनाता है

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर और फाइबर तैनाती की लागत कम करता है

अन्य जानकारी:

  • तकनीकी अनुमोदन: C-DOT के QKD सिस्टम को टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) से मंजूरी प्राप्त

  • सुरक्षा और दक्षता: यह प्रदर्शन साबित करता है कि क्वांटम-सुरक्षित संचार पारंपरिक डेटा ट्रैफिक के साथ एक ही ऑप्टिकल फाइबर पर चल सकता है

  • सार्वजनिक-निजी सहयोग: यह सफलता भारत की डिजिटल वृद्धि में सार्वजनिक अनुसंधान एवं निजी उद्योग की साझेदारी की ताकत को दर्शाती है

शामिल संगठन:

C-DOT (सी-डॉट)

  • दूरसंचार विभाग (DoT) के अधीन भारत का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र

  • स्वदेशी दूरसंचार तकनीक पर केंद्रित

  • QKD सिस्टम विकसित किए जिन्हें TEC से अनुमोदन प्राप्त है

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (STL)

  • ऑप्टिकल फाइबर, कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्किंग में वैश्विक अग्रणी

  • देश में ही निर्मित मल्टी-कोर फाइबर विकसित किया

  • अल्ट्रा-हाई डेटा क्षमता के लिए स्पेस डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग (SDM) तकनीक का उपयोग

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिलेगा H-1B वीजा?, जानें सबकुछ

अमेरिका में हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस (अमेरिकी…

9 hours ago

नीतू समरा को Noida International Airport का अंतरिम CEO नियुक्त किया गया

नीतू समरा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) का निया सीईओ नियुक्त किया गया है।…

10 hours ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर हुआ 703.3 अरब डॉलर

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 17 अप्रैल,…

11 hours ago

भारत ने मालदीव को 30 अरब रुपये की निकासी मंजूर की

भारत की ओर से मालदीव को दी जा रही आर्थिक और वित्तीय सहायता की पहली…

12 hours ago

विश्व मलेरिया दिवस 2026: तिथि, विषय और वैश्विक प्रयासों की व्याख्या

विश्व मलेरिया दिवस 2026 हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाएगा, ताकि मलेरिया के बारे…

13 hours ago

India Census 2027: आरजीआई ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 शुरू की

सरकार ने भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम…

14 hours ago