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केंद्रीय बजट 2023-24: पूरा विश्लेषण

केंद्रीय बजट 2023-24: 2024 के चुनावों से पहले अपने अंतिम पूर्ण बजट की घोषणा करते हुए, एनडीए सरकार ने कुछ ऐसे उपायों पर ध्यान केंद्रित किया, जो पूंजीगत व्यय खर्च का विस्तार करते हैं और हरित विकास, युवा शक्ति और समावेशी विकास सहित विभिन्न प्राथमिकताओं में बंधे हैं। इसके साथ वेतनभोगी वर्ग के लिए बड़ी टैक्स घोषणाएं भी थीं, टैक्स स्लैब में बदलाव और नई टैक्स व्यवस्था में शिफ्ट होने का स्पष्ट इरादा था।

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केंद्रीय बजट 2023-24 में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि चालू वर्ष की आर्थिक वृद्धि 7% रहने का अनुमान है, जो “सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।” अंत में, राजकोषीय घाटे के संबंध में, उसने वित्त वर्ष 2022-23 के संशोधित अनुमान में इसे 6.4% के लक्ष्य पर बनाए रखा और अगले वित्त वर्ष के लिए इसे घटाकर 5.9% कर दिया। सुश्री सीतारमण ने कहा कि 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को 4.5% से नीचे लाया जाएगा।

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केंद्रीय बजट 2023-24 का आकार:

 

बजट अनुमान 2023-24 में कुल व्यय `45,03,097 करोड़ (45.03 लाख करोड़) अनुमानित है, जिसमें से कुल पूंजीगत व्यय `10,00,961 करोड़ (10 लाख करोड़) है। बजट 2023-24 बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश करके आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की निरंतर मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे संशोधित अनुमान 2022-23 की तुलना में पूंजीगत व्यय में 37.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बजट अनुमान 2023-24 में प्रभावी पूंजीगत व्यय 13,70,949 करोड़ (13.71 लाख करोड़) है, जो संशोधित अनुमान 2022-23 की तुलना में 30.1 प्रतिशत अधिक है।

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किसानों के लिए बजट

 

किसानों के लिए भी वित्त मंत्री ने श्री अन्न योजना लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके तहत मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि दुनिया में मंदी के माहौल में भी भारत की आर्थिक ग्रोथ 7 फीसदी तक रहने का अनुमान है। यह भारत के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि देश की इकॉनमी का आकार बढ़ा है और हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह अमृतकाल का पहला बजट है। बीते कुछ सालों में हमने इकॉनमी को मजबूत करने के लिए जो नींव रखी थी, अब उस पर मजबूत इमारत खड़ा करने का मौका है।

वित्त मंत्री ने बजट में किसानों के लिए श्री अन्न योजना शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत बाजरा, ज्वार, रागी जैसे मिलेट्स के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा मिलेट्स संस्थान की भी हैदराबाद में स्थापना की जाएगी। बजट में रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हर वर्ष 10 हजार करोड़ रुपये की रकम जारी की जाएगी।

 

बजट 2023 में स्वास्थ्य से लेकर आवास तक

 

बजट 2023 में सरकार ने स्वास्थ्य से लेकर आवास तक कई योजनाओं में बड़े स्तर पर खर्च की तैयारी की है। आंकड़े बताते हैं कि फार्मास्यूटिकल उद्योग के विकास में सरकार 1250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। जल जीवन मिशन के मामले में यह आंकड़ा 70 हजार करोड़ रुपये है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल के निर्माण (FAME) में 5172 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना में 79,590 करोड़ रुपये, एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल में 5943 करोड़ रुपये, पूर्वोत्तर में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 2491 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

बजट 2023 में बुजुर्गों से महिलाओं तक को फायदा

नेशनल फाइनेंशियल इन्फर्मेशन रजिस्ट्री के जरिए उधार व्यवस्था को बेहतर करने और आर्थिक स्थिरता के लिए रजिस्ट्री को स्थापित किया जाएगा। वहीं, सेंट्रल डेटा प्रोसेसिंग सेंटर की मदद से सरकार कंपनीज एक्ट के तहत प्रशासनिक कार्य में तेजी लाने के लिए इसे स्थापित करेगी।

महिला सम्मान बचत पत्र में महिलाओं को वन टाइम स्मॉल सेविंग स्कीम का फायदा मिलेगा है। इसके तहत दो साल के लिए महिलाओं या लड़कियों के नाम पर 2 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं, जहां 7.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। इसके अलावा आंशिक रूप से राशि निकाली भी जा सकेगी।

 

Budget 2023 Updates: किस मंत्रालय को मिला कितना हिस्सा

  • रक्षा मंत्रालय- 5.94 लाख करोड़ रुपये
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग- 2.70 लाख करोड़ रुपये
  • रेल- 2.41 लाख करोड़ रुपये
  • उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण- 2.06 लाख करोड़ रुपये
  • गृहमंत्रालय- 1.96 लाख करोड़ रुपये
  • रसायन और उर्वरक मंत्रालय- 1.78 लाख करोड़ रुपए
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय- 1.60 लाख करोड़ रुपये
  • कृषि और किसान कल्याण- 1.25 लाख करोड़ रुपये
  • संचार- 1.23 लाख करोड़ रुपये

 

रक्षा मंत्रालय को मिलेंगे 5.94 लाख करोड़ रुपये

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 में रक्षा बजट में इजाफा किया है। सरकार ने रक्षा मंत्रालय को 5.94 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इससे पहले यह आंकड़ा 5.25 लाख करोड़ रुपये था। कहा जा रहा था कि तीनों सेनाओं की तरफ से भी फंड में इजाफे की मांग की जा रही थी। इसके अलावा सरकार बड़े स्तर पर सैन्य उपकरण खरीदने की तैयारी कर रहा है।

 

किफायती घर मुहैया

 

बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को किफायती घर मुहैया करने के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब पीएम आवास योजना के लिए बजट को 66 फीसदी बढ़ाया जा रहा है। इसलिए अब इसका फंड 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है। वहीं शहरी विकास पर सालाना 10,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। शहरों और कस्बों में पूरी तरह से मशीनी पद्धति से सफाई की जाएगी।

 

टैक्स स्लैब में इन लोगों को मिलेगा फायदा

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नई टैक्स व्यवस्था में कुल 7 लाख रुपये तक की कमाई वालों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा टैक्स स्लैब की संख्या अब 7 से घटाकर 5 ही कर दी गई है। पहला स्लैब 3 से 6 लाख तक का होगा, जिसमें 5 फीसदी टैक्स देना होगा। इसके अलावा दूसरा स्लैब 6 से 9 फीसदी का होगा, जिसमें 10 फीसदी टैक्स लगेगा। वहीं तीसरा स्लैब 9 से 12 लाख का होगा, जिस पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा। 12 से 15 लाख तक की कमाई पर 20 फीसदी टैक्स लागू होगा। वहीं इससे अधिक की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लागू होगा।

 

पहली बार महिला सम्मान बचत पत्र की शुरुआत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिला सम्मान बचत पत्र योजना का ऐलान बजट में किया है। इस स्कीम के तहत महिलाएं दो साल दो लाख रुपये का निवेश कर सकेंगी। इस जमा पर टैक्स में छूट मिलेगी और 7.5 फीसदी का रिटर्न मिलेगा। महिलाओं के लिए यह अपनी तरह की पहली स्कीम है।

 

केंद्रीय बजट 2023-24: प्रमुख योजनाएं और उनके बजटीय प्रावधान

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  • उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के लिए रोग मुक्त, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए ₹2200 करोड़ के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वच्छ पौधा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ को-लोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
  • केंद्र अगले तीन वर्षों में 3.5 लाख आदिवासी छात्रों की सेवा करने वाले 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती करेगा।
  • पीएम आवास योजना के लिए परिव्यय को 66% बढ़ाकर रु. 79,000 करोड़।
  • रुपये का पूंजी परिव्यय। रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जो अब तक का सबसे अधिक परिव्यय है और 2013-14 में किए गए परिव्यय का लगभग नौ गुना है।
  • अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (यूआईडीएफ) प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के ऋण की कमी के उपयोग के माध्यम से स्थापित किया जाएगा, जिसे राष्ट्रीय आवास बैंक द्वारा प्रबंधित किया जाएगा, और सार्वजनिक एजेंसियों द्वारा टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए उपयोग किया जाएगा।
  • एमएसएमई, बड़े व्यवसाय और धर्मार्थ ट्रस्टों द्वारा दस्तावेज़ों को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन स्टोर और साझा करने के लिए एंटिटी डिजिलॉकर को सेटअप किया जाएगा।
  • अवसरों, व्यापार मॉडल और रोजगार की संभावनाओं की एक नई श्रृंखला का एहसास करने के लिए 5जी सेवाओं पर आधारित अनुप्रयोग विकास के लिए 100 प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
  • 10,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश पर सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए GOBARdhan (गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन) योजना के तहत 500 नए ‘कचरे से धन’ संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। प्राकृतिक और बायो गैस का
  • विपणन करने वाले सभी संगठनों के लिए 5 प्रतिशत कम्प्रेस्ड बायोगैस अधिदेश लागू किया जाएगा।

 

केंद्रीय बजट 2023-24: प्रमुख आंकड़े:

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  • लगभग नौ वर्षों में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक बढ़कर 1.97 लाख रुपये हो गई है।
  • पिछले नौ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार दुनिया में 10वीं से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बढ़ा है।
  • ईपीएफओ की सदस्यता दोगुनी से अधिक बढ़कर 27 करोड़ हो गई है।
  • 2022 में UPI के माध्यम से ₹126 लाख करोड़ का 7,400 करोड़ डिजिटल भुगतान हुआ है।
  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत 11.7 करोड़ घरेलू शौचालयों का निर्माण।
  • उज्ज्वला के तहत 9.6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए।
  • 102 करोड़ व्यक्तियों का 220 करोड़ का कोविड टीकाकरण।
  • 47.8 करोड़ पीएम जन धन बैंक खाते।
  • पीएम सुरक्षा बीमा और पीएम जीवन ज्योति योजना के तहत 44.6 करोड़ लोगों को बीमा कवर।
  • पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11.4 करोड़ से अधिक किसानों को ₹2.2 लाख करोड़ का नकद हस्तांतरण।

 

वाहनों की स्क्रैपिंग पर मिलेगी छूट

 

वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए ज्यादा फंड का आवंटन किया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को पुरानी गाड़ी पर स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत फायदे भी दिए जाएंगे।

 

रेलवे के लिए जारी हुआ 2.4 लाख करोड़ का बजट

रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। रेलवे की नई योजनाओं के लिए 75000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया जाएगा। रेलवे में 100 नई अहम योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।

 

गरीबों को राशन, किसानों को मदद

 

वित्त मंत्री ने कहा कि हमने कोरोना काल में यह तय किया कि कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में 47.8 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं। इसके अलावा 14 करोड़ से ज्यादा किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत मदद दी गई है। कोरोना काल में 80 करोड़ से ज्यादा गरीब लोगों को 28 महीने से मुफ्त राशन दिया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय तेजी से बढ़ते हुए 1.97 लाख रुपये हो गई है।

 

भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की इकॉनमी का आकार बढ़ा है। भारत दुनिया की 10वीं अर्थव्यवस्था के पायदान से आगे बढ़ते हुए 5वें नंबर पर आ गया है। आम बजट 2023 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस वित्त वर्ष में देश की आर्थिक ग्रोथ 7 फीसदी तक रहने का अनुमान है। दुनिया में स्लोडाउन की स्थिति होने के बाद भी इतनी ग्रोथ बताती है कि हम सही ट्रैक पर हैं। यह अमृतकाल का पहला बजट है। पूरी दुनिया की नजर भारत की अर्थव्यवस्था पर है।

 

पिछले साल की तुलना में ‘रेलवे’ को कितना अधिक मिला फंड

 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे को 2023-24 में कुल 2.40 लाख करोड़ रुपये फंड आवंटित करने का एलान किया जो कि अब तक सबसे अधिक है। वहीं पिछले साल से तुलना की जाए तो यह एक लाख करोड़ अधिक है क्योंकि 2022 में 1.40 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इसके अलावा अगर 2013-14 से तुलना की जाए तो ये बजट लगभग 9 गुना ज्यादा है।

 

 

पिछले साल की तुलना में ‘रक्षा क्षेत्र’ को कितना अधिक मिला फंड

 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र को 2023-24 में कुल 5.94 लाख करोड़ रुपये फंड आवंटित करने का एलान किया वहीं 2022 में 5.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यानी कि 2023 में साल 2022 की तुलना में 69 लाख करोड़ रुपये अधिक आवंटित किए गए।

 

पिछले साल की तुलना में इस बार ‘कृषि क्षेत्र’ की क्या रही स्थिति

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बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 2023-24 में  कुल 1.25 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में लगभग 1.24 करोड़ रुपए फंड का प्रावधान किया गया था।

 

शिक्षा के क्षेत्र में इस बार कितना बजट, पिछली बार के मुकाबले क्या रही स्थिति

 

आम बजट 2023-24 में शिक्षा के लिए 1,12,899 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं। बता दें कि पिछले साल के बजट 2022 में शिक्षा के लिए कुल 1,04,278 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यानी 8 हजार करोड़ से ज्यादा का इजाफा।

 

खेल मंत्रालय को कितना बजट, पिछले साल की तुलना में क्या रही स्थिति

केंद्र सरकार ने युवा और खेल मामलों के मंत्रालय के लिए 3397.32 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले साल के बजट 2773.35 करोड़ रुपये से 723.97 करोड़ रुपये ज्यादा है।

 

स्वास्थ्य मंत्रालय को कितना बजट, पिछले साल की तुलना में क्या रही स्थिति

बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2023-24 में 86 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 83 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। यानी इस बार 2.71 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

 

शिक्षा के लिए बजट

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वित्तमंत्री निर्मला निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए ट्राइबल मिशन के लिए 3 साल में 15,000 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया। आदिवासी छात्रों के लिए 740 एकलव्य मॉडल रेजिडेंटल स्कूल (Eklavya Model Residential Schools या EMRS) खोलने की घोषणा की है। इन स्कूलों में 38,800 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. वित्त मंत्री निर्मला निर्मला सीतारमण ने पांचवां आम बजट पेश करते हुए ये घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि आगामी 3 वर्षों में केंद्र सरकार 3.5 लाख आदिवासी छात्रों के लिए 740 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय शुरू करेगी। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि इन स्कूलों में 3.5 लाख आदिवासी छात्रों पर 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। इससे पहले, गणतंत्र दिवस परेड के दौरान, एक झांकी ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के सरकार के प्रयास दिखाते हुए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की भी थी।

 

केंद्रीय बजट 2023-24: सीमा शुल्क कानूनों में विधायी परिवर्तन:

 

  • समझौता आयोग द्वारा अंतिम आदेश पारित करने के लिए आवेदन दाखिल करने की तारीख से नौ महीने की समय सीमा निर्दिष्ट करने के लिए सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 में संशोधन किया जाएगा।
  • एंटी-डंपिंग ड्यूटी (एडीडी), काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) और सुरक्षा उपायों से संबंधित प्रावधानों के इरादे और दायरे को स्पष्ट करने के लिए सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।

 

केंद्रीय बजट 2023-24: सीजीएसटी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा:

 

  • जीएसटी के तहत अभियोजन शुरू करने के लिए कर राशि की न्यूनतम सीमा को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ करना;
  • कर राशि के 50 से 150 प्रतिशत की वर्तमान सीमा से कंपाउंडिंग राशि को घटाकर 25 से 100 प्रतिशत तक करना;
  • कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना;
  • प्रासंगिक विवरणी/विवरण दाखिल करने की देय तिथि से अधिकतम तीन वर्ष की अवधि तक विवरणी/विवरण दाखिल करने को प्रतिबंधित करना; और
  • अपंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं और रचना करदाताओं को ई-कॉमर्स ऑपरेटरों (ईसीओ) के माध्यम से माल की राज्य के भीतर आपूर्ति करने में सक्षम बनाना।

 

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FAQs

भारत में बजट की शुरुआत कब हुई?

भारत में पहली बार केंद्रीय बजट ब्रिटिश हुकूमत के दौरान 7 अप्रैल, 1860 को स्कॉटिश अर्थशास्त्री और ईस्ट इंडिया कंपनी के राजनेता जेम्स विल्सन की ओर से पेश किया गया था.

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