UK ने बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम के सख्त नियम तय: बच्चों को डिजिटल नुकसान से बचाने हेतु वैश्विक पहल

बच्चों में बढ़ते डिजिटल उपयोग को लेकर चिंताओं के बीच यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) ने छोटे बच्चों के लिए सख्त स्क्रीन-टाइम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस नई सलाह के अनुसार 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्क्रीन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है, जबकि 2 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए इसे अधिकतम एक घंटे प्रतिदिन तक सीमित रखा गया है। यह कदम कीर स्टार्मर (Keir Starmer) के नेतृत्व में सरकार के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करना है।

नए यूके स्क्रीन-टाइम नियम क्या कहते हैं

यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) के नए दिशा-निर्देश माता-पिता को बच्चों की डिजिटल आदतों को नियंत्रित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक सलाह प्रदान करते हैं। इन नियमों के अनुसार, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्क्रीन का पूरी तरह से परहेज करने की सिफारिश की गई है। वहीं, 2 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए स्क्रीन उपयोग को अधिकतम एक घंटे प्रतिदिन तक सीमित रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, माता-पिता को यह भी कहा गया है कि वे बच्चों को भोजन के समय और सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन से दूर रखें, क्योंकि इससे उनकी नींद के पैटर्न पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सरकारें अब क्यों कदम उठा रही हैं

यह कदम एक व्यापक वैश्विक रुझान को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न देश बच्चों के स्क्रीन-टाइम को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। France, Denmark और Netherlands जैसे देश ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयु सत्यापन (Age Verification) जैसे कड़े उपाय लागू कर रहे हैं। वहीं Indonesia ने सुरक्षा कारणों से बच्चों के लिए कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध भी लगाए हैं।

बच्चों में बढ़ता स्क्रीन उपयोग: एक गंभीर चिंता

हालिया आंकड़े बताते हैं कि बच्चों में स्क्रीन का उपयोग अत्यधिक बढ़ गया है। लगभग सभी 2 वर्ष की आयु के बच्चे रोज़ाना स्क्रीन के संपर्क में आ रहे हैं, जबकि 3 से 5 वर्ष के बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना माता-पिता के लिए चुनौती बन गया है। डिजिटल उपकरणों के इस बढ़ते उपयोग ने सरकारों को परिवारों के लिए स्पष्ट और संरचित दिशा-निर्देश जारी करने के लिए प्रेरित किया है।

अत्यधिक स्क्रीन टाइम के स्वास्थ्य पर प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा स्क्रीन उपयोग बच्चों के विकास पर कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह उनकी नींद के चक्र को बाधित करता है, शारीरिक गतिविधि को कम करता है और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसके अलावा, अधिक स्क्रीन समय बच्चों के सामाजिक कौशल के विकास में भी बाधा डालता है, क्योंकि यह वास्तविक दुनिया के संवाद और अनुभवों की जगह ले लेता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

सयानी गुप्ता को ‘हार्वर्ड साउथ एशियन पर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया

सयानी गुप्ता को हार्वर्ड साउथ एशियन ‘पर्सन ऑफ़ द ईयर’ 2026 चुना गया है। यह…

3 hours ago

घरेलू खिलाड़ियों को अनुबंध देने वाला पहला राज्य क्रिकेट संघ बना MCA

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने 2026-27 के घरेलू सीज़न से 'खिलाड़ी अनुबंध प्रणाली' (Player Contract…

4 hours ago

गणराज्य की रूपरेखा का पुनर्निर्धारण: 2026 की महान परिसीमन बहस

भारतीय संसद के गलियारों में ऐसी गहमागहमी है, जो दशकों में शायद ही कभी देखने…

4 hours ago

CAPF का नया कानून लागू होने के बाद पीएम मोदी करेंगे अर्धसैनिक बलों की कॉन्फ्रेंस

देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए, PM नरेंद्र मोदी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस…

4 hours ago

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को होगा FTA पर हस्ताक्षर

भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को यहां मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस…

5 hours ago

हरिवंश नारायण सिंह ने राज्यसभा के उपसभापति के रूप में तीसरे कार्यकाल के साथ इतिहास रचा

हरिवंश लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति के पद पर निर्विरोध चुने गए हैं। यह…

5 hours ago