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UAE ने COP28 में वैश्विक जलवायु समाधान के लिए $30 बिलियन फंड का अनावरण किया

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कॉप-28 के अध्‍यक्ष संयुक्‍त अरब अमीरात ने वैश्विक नेताओं के बीच आज जलवायु संबंधित निवेश संस्‍था अल्‍टेरा में 30 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की। 30 अरब डॉलर की इस प्रतिबद्धता के साथ, अल्टेरा जलवायु परिवर्तन कार्रवाई के लिए दुनिया का सबसे बड़ा निजी निवेश माध्यम बन गया है। इस संस्था ने 2030 तक वैश्विक स्तर पर 250 बिलियन डॉलर जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसका उद्देश्य निजी बाजारों को जलवायु निवेश के लिए एकजुट करना है और ऐसे उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को बदलने पर ध्यान केंद्रित करना है, जहाँ भौगोलिक क्षेत्रों में उच्च जोखिम के कारण पारंपरिक निवेश की कमी रही है।

 

जलवायु संबंधित निवेश संस्‍था अल्‍टेरा

  • अल्टेरा, कम कार्बन वाली अर्थव्यवस्था में वैश्विक परिवर्तन में तेजी लाने और जलवायु लचीलापन बनाने के लिए COP-28 के दौरान शुरू की गई वित्त-आधारित पहलों में से एक है।
  • एक स्वतंत्र वैश्विक निवेश प्रबंधक लूनेट द्वारा इसकी स्थापना की गई है।
  • इसका मुख्यालय अबू धाबी ग्लोबल मार्केट में स्थित है।
  • COP-28 के महानिदेशक, राजदूत माजिद अल सुवेदी, अल्टेरा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

 

सीओपी-28 सम्मेलन

वैश्विक जलवायु सम्मेलन, COP-28 का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात की अध्यक्षता में 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक दुबई में किया जाएगा।

 

‘ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम’

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 दिसंबर, 2023 को दुबई में आयोजित सीओपी-28 के दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के साथ संयुक्त मेजबानी में ‘ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम’ की शुरुआत की ।
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी देशों को इस पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
  • ग्रीन क्रेडिट पहल, को जलवायु परिवर्तन की चुनातियों से निपटने के लिए एक प्रभावी प्रतिक्रिया के रूप में, पर्यावरण के हित से जुड़े स्वैच्छिक कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए एक तंत्र के रूप में तैयार किया गया है।

 

लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन प्लेटफ़ॉर्म –

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रधान मंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ संयुक्त रूप से COP-28 के दौरान 2024-26 की अवधि के लिए लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांज़िशन (लीडआईटी 2.0) के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया।

भारत और स्वीडन ने इंडस्ट्री ट्रांज़िशन प्लेटफ़ॉर्म भी लॉन्च किया, जो दोनों देशों की सरकारों, उद्योगों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, शोधकर्ताओं और थिंक टैंकों को साझा मंच प्रदान करेगा।

FAQs

शुरुआती फंडिंग किश्त के हिस्से के रूप में भारत में विकास के लिए कितनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता तय की गई है?

6.0 गीगावॉट से अधिक, जिसमें 1,200 मेगावाट की पवन और सौर परियोजनाएं शामिल हैं।