ब्रिटेन में 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की बेडचैंबर तलवार की नीलामी हुई। तलवार की नीलामी ने भारतीय वस्तु की नीलामी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह इस सप्ताह हुई इस्लामी एवं भारतीय कला बिक्री में 1.4 करोड़ पाउंड (जीबीपी) में बिकी है। वर्ष 1782 से 1799 तक शासन करने वाले टीपू सुल्तान की तलवार को ‘सुखेला’- सत्ता का प्रतीक कहा जाता है। टीपू सुल्तान की तलवार नीलामी के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए अब तक की सबसे महंगी बिकने वाली भारतीय वस्तु बनी है। नीलामकर्ता ओलिवर व्हाइट ने बताया कि यह तलवार टीपू सुल्तान के महल के निजी कमरे से बरामद की गई थी। यह तलवार टीपू सुल्तान के हथियारों में उनका पसंदीदा हथियार था। यह तलवार टीपू सुल्तान के शस्त्रागार में सबसे मूल्यवान हथियार है।
टीपू सुल्तान की ये तलवार 18वीं सदी में बनी थी और भारत छोड़कर गए अंग्रेज अपने साथ ले गए थे। बोनहम्स के सीईओ ब्रूनो विंसीगुएरा ने कहा कि यह सबसे आश्चर्यजनक वस्तुओं में से एक है जिसे बोनहम्स को नीलामी में लाने का सौभाग्य मिला है। इस एक शानदार वस्तु के लिए एक शानदार कीमत है। मैं अपनी टीमों के लिए बहुत रोमांचित हूं जिन्होंने इस परिणाम को देने के लिए इतनी मेहनत की। टीपू सुल्तान ने 18वीं शताब्दी के अंत के युद्धों में ख्याति प्राप्त की। बता दें कि टीपू सुल्तान को “मैसूर का टाइगर” का उपनाम दिया गया था, इस तलवार के साथ उन्होंने 1779 से पहले तक मराठों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और मैसूर राज्य का बचाव किया था। ईस्ट इंडिया कंपनी ने जब टीपू सुल्तान को हराया था तब उसकी तलवार को श्रीरंगपट्टनम वाले महल से साल 1799 में ब्रिटिश सैनिक लूट ले गए थे। इस एक मीटर लंबी तलवार पर सोने की लिखावट है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…
माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…
हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…
भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…
गुजरात सरकार ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान Larsen & Toubro की व्योमा…