केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के लिए तीन नए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किए

भारत की कानूनी और संवैधानिक व्यवस्था के तहत केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में संघ सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों की औपचारिक अधिसूचना 22 दिसंबर 2025 को जारी की गई। इसका उद्देश्य शीर्ष न्यायालय में सरकार की कानूनी पैरवी को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।

नियुक्त किए गए अधिवक्ता

निम्नलिखित प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ताओं को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया है—

  • वरिष्ठ अधिवक्ता दविंदर पाल सिंह
  • वरिष्ठ अधिवक्ता कनकमेडला रविंद्र कुमार
  • वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कौशिक

इनमें से कनकमेडला रविंद्र कुमार पूर्व राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं और सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक एवं दीवानी मामलों में उनके पास व्यापक अनुभव है।

नियुक्ति का विवरण

  • केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व हेतु तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है।
  • इन सभी नियुक्तियों की अवधि तीन वर्ष या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) होगी।
  • ऐसी अवधि-आधारित नियुक्तियाँ सरकार की कानूनी टीम में निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ भविष्य में आवश्यक बदलाव की लचीलापन भी सुनिश्चित करती हैं।

महत्व

  • केंद्र सरकार के बढ़ते कानूनी कार्यभार को देखते हुए इन नियुक्तियों का विशेष महत्व है।
  • नए कानूनों, नीतिगत फैसलों और नियामक ढांचे के विस्तार के कारण सरकार कई महत्वपूर्ण मामलों में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पक्षकार रहती है।
  • अनुभवी वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति से सरकार को मजबूत संवैधानिक तर्क, प्रभावी कानूनी रक्षा और मामलों के त्वरित निपटारे में मदद मिलेगी, जिसका सीधा प्रभाव शासन और नीति-निर्माण पर पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट में ASG की भूमिका

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष जिम्मेदारी और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करते हैं।
उनकी प्रमुख भूमिकाएँ—

  • सरकार की ओर से मामलों की पैरवी करना
  • मंत्रालयों को कानूनी सलाह देना
  • कानूनी रणनीतियों की समीक्षा करना
  • अन्य विधि अधिकारियों के साथ समन्वय करना
  • संवैधानिक मामलों में ASG कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) कौन होते हैं?

  • ASG, भारत सरकार के शीर्ष विधि अधिकारियों में शामिल होते हैं।
  • इनकी नियुक्ति Law Officers (Conditions of Service) Rules के तहत की जाती है।
  • वे अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया और सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया की सहायता करते हैं।
  • मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों में संवैधानिक व्याख्या, केंद्रीय कानूनों, अंतर-सरकारी विवादों और प्रमुख जनहित याचिकाओं से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं।

मुख्य बिंदु

  • केंद्र सरकार ने 22 दिसंबर 2025 को तीन नए ASG नियुक्त किए
  • ASG सुप्रीम कोर्ट में संघ सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं
  • कार्यकाल: तीन वर्ष या अगले आदेश तक
  • ASG, अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहायता करते हैं
  • विषय: भारतीय संविधान, न्यायपालिका और शासन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

Goldman Sachs की चेतावनी: 2026 में भारत की ग्रोथ धीमी, बढ़ सकते हैं रेट

वैश्विक निवेश बैंक Goldman Sachs ने भारत की GDP वृद्धि दर के अनुमान को 2026…

15 hours ago

Delhi Green Budget 2026: बढ़ते प्रदूषण पर सख्त कदम, जानें क्या है खास

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 24 मार्च 2026 को वर्ष 2026-27 का बजट पेश…

15 hours ago

विश्व टीबी दिवस 2026: तिथि, विषय, इतिहास, महत्व और चुनौतियाँ

विश्व टीबी दिवस (World TB Day) हर वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। वर्ष…

17 hours ago

अंतरराष्ट्रीय सत्य का अधिकार दिवस 2026: न्याय, स्मृति और मानव गरिमा का महत्व

अंतरराष्ट्रीय सत्य के अधिकार दिवस (International Day for the Right to Truth) हर वर्ष 24…

18 hours ago

ईरान स्ट्राइक पर डोनाल्ड ट्रम्प का ब्रेक: क्या है इसके पीछे की रणनीति?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 23 मार्च 2026 को घोषणा की कि संयुक्त राज्य…

19 hours ago

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2026: किन देशों पर बढ़ा खतरा, क्या कहते हैं आंकड़े?

वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2026 (Global Terrorism Index 2026) जारी किया गया है, जो यह दर्शाता…

20 hours ago