प्रख्यात समाजशास्त्री प्रोफेसर टी के उम्मन का निधन

प्रख्यात समाजशास्त्री टी के उम्मन का 26 फरवरी 2026 को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने गुरुग्राम में अंतिम सांस ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर एमेरिटस रहे उम्मन सामाजिक न्याय, बहुलवाद, पहचान और सामाजिक परिवर्तन पर अपने गहन शोध के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे।

सामाजिक न्याय, पहचान और बहुलवाद के विद्वान

टी के उम्मन ने भारतीय समाजशास्त्र को नई दिशा दी। उनका मानना था कि समाजशास्त्र केवल सैद्धांतिक विमर्श तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे वास्तविक सामाजिक चुनौतियों से जुड़ना चाहिए।

उनके प्रमुख अध्ययन क्षेत्र थे:

  • सामाजिक आंदोलनों और सामाजिक परिवर्तन
  • राजनीतिक समाजशास्त्र
  • राज्य और जातीयता
  • पेशागत संरचना और सामाजिक सिद्धांत
  • बहुलवाद और नागरिक समाज

उन्होंने अपने दृष्टिकोण को “बहुलवादी” बताया, जिसमें सैद्धांतिक विविधता के साथ राष्ट्रीय और मानवीय मूल्यों का संतुलन था।

भूदान आंदोलन पर ऐतिहासिक अध्ययन

उनकी एक महत्वपूर्ण कृति विनोबा भावे द्वारा संचालित भूदान आंदोलन पर आधारित थी।

उनका डॉक्टोरल शोध “Charisma, Stability and Change: An Analysis of the Bhoodan Gramdan Movement in India” जमीनी स्तर के सामाजिक आंदोलनों की परिवर्तनकारी क्षमता को उजागर करता है। इस अध्ययन ने उन्हें एक ऐसे विद्वान के रूप में स्थापित किया जो सिद्धांत और वास्तविक जीवन के अनुभवों को जोड़ते थे।

नेतृत्व और सार्वजनिक भूमिका

  • टी के उम्मन ने कई प्रतिष्ठित पदों पर कार्य किया:
  • अंतर्राष्ट्रीय समाजशास्त्रीय संघ के पूर्व अध्यक्ष
  • भारतीय समाजशास्त्रीय सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष
  • सच्चर समिति के सदस्य (जिसने भारत में मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अध्ययन किया)
  • 2002 के सांप्रदायिक हिंसा के बाद गुजरात हार्मनी प्रोजेक्ट की सलाहकार समिति के अध्यक्ष

इन भूमिकाओं के माध्यम से उन्होंने अकादमिक शोध और सार्वजनिक नीति के बीच सेतु का कार्य किया।

शैक्षणिक यात्रा

16 अक्टूबर 1937 को वेनमनी (अलप्पुझा, तत्कालीन त्रावणकोर) में जन्मे टी के उम्मन ने 1957 में केरल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया।

इसके बाद उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (पूर्व में पूना विश्वविद्यालय) से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।

उनका शैक्षणिक करियर:

  • दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क (1964–1971)
  • जेएनयू के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में एसोसिएट प्रोफेसर (1971–1976)
  • जेएनयू में समाजशास्त्र के प्रोफेसर (1976–2002)
  • 2007 से प्रोफेसर एमेरिटस

उन्होंने लगभग 20 पुस्तकें और अनेक शोध लेख लिखे।

शोध के पाँच प्रमुख क्षेत्र

उनके समकालीनों के अनुसार उनका कार्य पाँच प्रमुख क्षेत्रों में फैला था:

  1. सामाजिक आंदोलनों की परिवर्तनकारी क्षमता
  2. पेशागत समाजशास्त्र (विशेष रूप से नर्सिंग पेशे का अध्ययन)
  3. राज्य, जातीयता और सुरक्षा
  4. राष्ट्र-राज्य और नागरिक समाज संबंध
  5. समाजशास्त्र, राजनीति और इतिहास के अंतःविषय संबंध

उनकी पुस्तक “Understanding Security: A New Perspective” ने सांप्रदायिक हिंसा और जातीय संघर्षों को समझने के लिए नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

सम्मान और पुरस्कार

टी के उम्मन को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया:

  • पद्म भूषण (2008)
  • वी.के.आर.वी. राव पुरस्कार (समाजशास्त्र)
  • जी.एस. घुर्ये पुरस्कार (समाजशास्त्र और सामाजिक मानवशास्त्र)
  • यूजीसी का स्वामी प्रणवानंद पुरस्कार

इन सम्मानों ने भारतीय और वैश्विक समाजशास्त्र में उनके अमूल्य योगदान को मान्यता दी।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

3 days ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 month ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

1 month ago