सीरिया दुनिया का सबसे बड़ा नार्को-स्टेट बन गया है. नार्को-स्टेट का मतलब उस देश से है जो अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए नशे के निर्यात पर निर्भर है। इसकी अर्थव्यवस्था ही नशे से चलती है. सीरिया खासतौर पर एम्फैटिन जैसे टैबलेट का एक्सपोर्ट करता है। इसे कैप्टागन या गरीबों का कोक भी कहा जाता है। नशे के निर्यात से होने वाली कमाई का सीरिया के विदेशी मुद्रा में 90 फीसदी हिस्सा है।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
कैप्टागन एक टैबलेट है, जो एम्फैटिन और कैफीन से बनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस दवा के आयात-निर्यात और सेवन पर प्रतिबंध लगा है। एक जर्मन कंपनी ने 1961 में इस दवा को अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसॉर्डर, नार्कोलेप्सी और डिप्रेशन से निपनटे के लिए बनाया था।
शुरुआती दिनों में इस दवा की प्रति गोली कीमत 1 डॉलर हुआ करती थी, लेकिन अब इसकी कीमत 14-20 डॉलर हो जाती है। प्रतिबंधों की वजह से इसकी स्मगलिंग होती है और सीरिया इसका बॉस है। सीरिया में बशर-अल-असद की शासनकाल में सीरिया ने इस दवा का खूब निर्यात किया। इसके उत्पादन को बढ़ावा दिया गया। यही वजह है कि सीरिया आज नार्को स्टेट बन गया। यहां बनने वाली दवाएं खासतौर पर खाड़ी देशों में निर्यात किया जाता है।
Find More International News Here
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
एलेना रिबाकिना ने मेलबर्न में खेले गए ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में…
एक शोध दल ने बताया है कि उन्होंने प्रयोगशाला में चूहों में अग्नाशय कैंसर (Pancreatic…
भारत का कृषि क्षेत्र एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहाँ अब केवल…
गुजरात ने ग्रामीण शासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।…
भारत का बहुप्रतीक्षित मानव अंतरिक्ष उड़ान सपना अब अपने सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर…
जनवरी 2026 के मध्य में लद्दाख के हानले क्षेत्र के ऊपर रात का आसमान अचानक…