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स्वदेशी मिसाइल विध्वंसक पोत ‘सूरत’ का अनावरण, जानें सबकुछ

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भारतीय नौसेना के नवीनतम स्वदेशी मिसाइल विध्वंसक पोत ‘सूरत’ का अनावरण गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा सूरत में किया जाएगा। इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार भी शामिल होंगे। स्वदेशी और गाइडेड विध्वंसक मिसाइलों से लैस इस युद्धपोत के निर्माण का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल मार्च में किया था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 17 मार्च, 2022 को मुंबई में लांच किया था। यह गुजरात के किसी भी शहर के नाम पर रखा जाने वाला पहला युद्धपोत है।निर्माणाधीन नवीनतम फ्रंटलाइन युद्धपोत परियोजनाओं में के तहत चार अगली पीढ़ी के स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पोत का निर्माण किया गया है। इसमें चौथा और आखिरी पोत है। यह युद्धपोत वर्तमान समय में मझगांव डाक्स शिपबिल्डर्स लिमिटेड मुंबई में निर्माणाधीन है।

 

युद्धपोत का अनावरण

स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश की नौसेना छोटी थी, लेकिन वर्तमान में भारतीय नौसेना एक बहुत सक्षम, युद्ध के लिए तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और भविष्य के लिए सक्षम बल बन चुकी है। सूरत शहर भारत और कई अन्य देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहा है। यह शहर जहाज निर्माण कार्यों के लिए भी एक समृद्ध केंद्र रहा है। यह पहली बार है कि एक युद्धपोत का अनावरण उसी शहर में किया जा रहा है जिसके नाम पर इसका नाम रखा गया है।

 

‘सूरत’ चौथा और अंतिम जहाज

निर्माणाधीन नवीनतम अग्रिम युद्धपोत परियोजनाओं में ‘परियोजना 15 बी’ इस कार्यक्रम की चौथी अगली पीढ़ी के स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक का निर्माण है, जिनमें ‘सूरत’ चौथा और अंतिम जहाज है। यह युद्धपोत वर्तमान समय में मझगांव डॉक्स शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई में निर्माणाधीन है। इस युद्धपोत का निर्माण स्वदेशी अत्याधुनिक युद्धपोत निर्माण प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सैन्य प्रगति के लिए राष्ट्र को समर्पित है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देश की नौसेना छोटी थी लेकिन वर्तमान में भारतीय नौसेन एक बहुत सक्षम, युद्ध के लिए तैयार, एकजुट, विश्वसनीय और भविष्य के लिए सक्षम बल बन चुकी है।

 

सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक केंद्र

सर्वविदित है कि सूरत शहर 16वीं से 18वीं शताब्दी तक भारत और कई अन्य देशों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक केंद्र रहा है। सूरत शहर जहाज निर्माण कार्यों के लिए एक समृद्ध केंद्र भी रहा है और इस अवधि में यह अपने यहां निर्मित जहाज के लिए प्रसिद्ध भी रहा है क्योंकि यहां निर्मित अनेक जहाज 100 वर्षों से ज्यादा समय तक अपनी सेवाएं प्रदान की है। भारत देश में यह एक समुद्री परंपरा और एक नौसैनिक परंपरा बनी हुई है कि हमारे नौसैना के जहाजों का नाम हमारे देश के प्रमुख शहरों के नाम पर रखा जाता है और इसलिए देश की नौसेना को सूरत शहर के नाम पर अपने नवीनतम और तकनीकी रूप से सबसे उन्नत युद्धपोत का नाम देने पर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह गुजरात के किसी भी शहर के नाम पर रखा जाने वाला पहला युद्धपोत है और यह पहली बार है कि एक युद्धपोत के शिखर का अनावरण उसी शहर में किया जा रहा है जिसके नाम पर इसका नाम रखा गया है।

 

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