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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने सामाजिक प्रगति सूचकांक (एसपीआई) जारी किया

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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने राज्यों के सामाजिक प्रगति सूचकांक (एसपीआइ) को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में एक तरफ जहां पुडुचेरी, लक्षद्वीप और गोवा का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है, वहीं, झारखंड और बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब आंका गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड का एसपीआइ स्कोर सबसे कम 43.95 और बिहार का एसपीआइ स्कोर 44.47 रहा है। रिपोर्ट में 36 राज्यों एवं संघ-शासित प्रदेशों और देश के 707 जिलों को सामाजिक प्रगति के विभिन्न मानकों पर उनके प्रदर्शन के आधार पर आंका गया।

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इन तीन आधारों पर आंकी जाती है सामाजिक प्रगति

 

  • बुनियादी मानवीय जरूरत: मानवीय जरूरतों के मामले में किसी राज्य या जिले में पोषण और स्वास्थ्य देखभाल, जल और स्वच्छता, व्यक्तिगत सुरक्षा और रहने की स्थिति का आकलन किया जाता है।
  • बेहतर जीवनशैली के आधार: रहन-सहन या जीवनस्तर के मामले में मूल ज्ञान, सूचना तक पहुंच, संचार, स्वास्थ्य और देखभाल और पर्यावरण की गुणवत्ता को देखा जाता है।
  • अवसर: अवसरों के मामले में व्यक्तिगत अधिकार, निजी आजादी और चयन, समावेशन और आधुनिक शिक्षा तक पहुंच की स्थिति को आंका जाता है।

 

पुडुचेरी का देश में उच्चतम एसपीआई स्कोर 65.99 है, जिसका श्रेय व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद, आश्रय, और जल व स्वच्छता जैसे घटकों में इसके उल्लेखनीय प्रदर्शन को दिया जाता है। लक्षद्वीप और गोवा क्रमशः 65.89 और 65.53 के स्कोर के साथ इसके पीछे हैं। झारखंड और बिहार ने सबसे कम, क्रमशः 43.95 और 44.47 स्कोर किया।

 

बुनियादी मानवीय आवश्यकताओं के अच्‍छे परिमाण के लिए गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और चंडीगढ़ अन्य राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों की तुलना में जल और स्वच्छता और आश्रय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष चार राज्य हैं। इसके अलावा, गोवा ने जल और स्वच्छता के दम पर अधिक स्‍कोर हासिल किया है, इसके बाद केरल पोषण और बुनियादी चिकित्सा देखभाल जैसे मामलों में बेहतरीन है। आश्रय और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ और नागालैंड क्रमशः प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं।

 

मिजोरम, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और गोवा कल्याण की नींव के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में उभरे हैं। बेसिक नॉलेज घटक तक पहुंच के आयाम के भीतर पंजाब का उच्चतम घटक स्कोर 62.92 है, जबकि दिल्ली 71.30 के स्कोर के साथ सूचना और संचार तक पहुंच की सूची में सबसे ऊपर है। स्वास्थ्य और कल्याण के लिए राजस्थान का उच्चतम घटक स्कोर 73.74 है। पर्यावरणीय गुणवत्ता के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र के शीर्ष तीन राज्य मिजोरम, नागालैंड और मेघालय हैं।

 

हालांकि, यह गौरतलब है कि असम, बिहार और झारखंड ने स्‍वास्‍थ्‍य और कल्‍याण, व्‍यक्तिगत आजादी और पसंद, सरकारी योजनाओं में अधिक लोगों की भागीदारी और व्‍यक्तिगत अधिकार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन इन्‍हें पोषण और बुनियादी चिकित्सा देखभाल, सूचना और संचार की लोगों तक पहुंच और अधिक सामाजिक प्रगति के लिए उन्नत शिक्षा तक पहुंच के क्षेत्र में अब भी अच्‍छा करने की जरूरत है।

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