हैदराबाद स्थित एक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने भारत के पहले निजी तौर पर विकसित पूरी तरह से क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन (cryogenic rocket engine) धवन -1 (Dhawan-1) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह इसके आगामी विक्रम -2 कक्षीय प्रक्षेपण यान के ऊपरी चरणों को शक्ति प्रदान करेगा। रॉकेट इंजन धवन-1 का नाम भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक सतीश धवन (Satish Dhawan) के नाम पर रखा गया है।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
हिन्दू रिव्यू अक्टूबर 2021, Download Monthly Hindu Review PDF in Hindi
धवन-1 के बारे में:
धवन-1 पूरी तरह से ‘मेड-इन-इंडिया’ क्रायोजेनिक इंजन है, जिसे सुपरएलॉय के साथ 3डी प्रिंटिंग का उपयोग करके विकसित किया गया है। इंजन तरलीकृत प्राकृतिक गैस और तरल ऑक्सीजन द्वारा संचालित होता है – एक उच्च प्रदर्शन, कम लागत वाला और स्वच्छ रॉकेट ईंधन।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे को अब तक का सबसे अधिक वित्तीय समर्थन मिला…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया है। यह…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2026 को आज बजट 2026 पेश किया है।…
एलेना रिबाकिना ने मेलबर्न में खेले गए ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में…
एक शोध दल ने बताया है कि उन्होंने प्रयोगशाला में चूहों में अग्नाशय कैंसर (Pancreatic…