शुभांशु शुक्ला को अंतरिक्ष में लेकर गया फाल्कन 9 रॉकेट वापस लौटा

25 जून 2025 को दोपहर 12:01 बजे (भारतीय समयानुसार), ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने स्पेसएक्स के फाल्कन 9 ब्लॉक 5 रॉकेट के ज़रिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ओर अपनी ऐतिहासिक यात्रा शुरू की। यह दूसरी बार है जब कोई भारतीय अंतरिक्ष में गया है और पहली बार है जब कोई भारतीय ISS पर रहकर काम करेगा।

कौन हैं शुभांशु शुक्ला?

शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था।

  • वे 2005 में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से स्नातक हुए और

  • जून 2006 में भारतीय वायुसेना (IAF) के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया।

  • मार्च 2024 तक वे ग्रुप कैप्टन के पद तक पहुंच चुके थे और

  • Su-30 MKI, MiG-21/29, Jaguar और Hawk जैसे लड़ाकू विमानों पर 2000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव प्राप्त कर चुके थे।

उन्होंने 2019 में ISRO के गगनयान अंतरिक्ष यात्री कैडर में शामिल होकर रूस और बेंगलुरु में प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2024 की शुरुआत में Ax-4 मिशन क्रू के लिए चयनित हुए।

फाल्कन 9 ब्लॉक 5 और क्रू ड्रैगन: एक भरोसेमंद जोड़ी

फाल्कन 9 ब्लॉक 5, जिसे नवंबर 2020 में NASA ने प्रमाणित किया था, एक पुन: प्रयोज्य मीडियम-लिफ्ट रॉकेट है जो 100% क्रू मिशन सफलता दर और कई सुरक्षा प्रणाली से लैस है।

इस मिशन में एक नई क्रू ड्रैगन कैप्सूल का प्रयोग किया गया है, जो स्वचालित रूप से संचालन करता है और चार सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय दल को ISS तक लेकर जा रहा है।

एक वैश्विक क्रू और मिशन उद्देश्य

Ax-4 मिशन का नेतृत्व पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन कर रही हैं।
अन्य दल सदस्य हंगरी और पोलैंड से हैं, जबकि भारतीय पायलट के रूप में शुभांशु शुक्ला शामिल हैं।

इस 14 दिवसीय मिशन के दौरान, दल लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जिनमें 7 भारत-डिज़ाइन किए गए प्रयोग शामिल हैं। ये प्रयोग माइक्रोग्रैविटी, जीव विज्ञान और सामग्री विज्ञान से संबंधित हैं।

भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय

यह मिशन ISS पर भारत की पहली सरकारी समर्थित उपस्थिति को दर्शाता है और 1984 में राकेश शर्मा के बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी है।

यह मिशन भारत के गगनयान कार्यक्रम के प्रयासों को और मज़बूत करता है और भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों की श्रेणी में स्थापित करता है।

तकनीकी देरी और अंतिम गिनती

इस लॉन्च को कई बार मौसम, तकनीकी और सुरक्षा कारणों से टालना पड़ा था।
जून की शुरुआत में लिक्विड ऑक्सीजन रिसाव के चलते भी देरी हुई।
हालांकि, अंततः सभी समस्याएं हल की गईं और 25 जून को लॉन्च विंडो खुलने के साथ शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रच दिया।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago