केंद्र ने ईवी, हरित ऊर्जा क्षेत्रों के युवाओं को कौशल प्रदान करने हेतु शेल इंडिया के साथ समझौता किया

भारत के युवाओं को वैश्विक हरित अर्थव्यवस्था (ग्रीन इकॉनमी) से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, शेल इंडिया ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत एक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य ग्रीन स्किल्स और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) तकनीकों पर केंद्रित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। यह कार्यक्रम महानिदेशालय-प्रशिक्षण (DGT) के माध्यम से लागू किया जा रहा है और इसमें छात्रों, शिक्षकों और प्रशिक्षकों को ईवी प्रणालियों, बैटरी तकनीक, निदान (डायग्नोस्टिक्स) और सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक विषयों में दक्ष बनाया जाएगा। यह बहु-स्तरीय कौशल विकास पहल देश के पांच प्रमुख राज्यों में लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को मजबूती देना है।

क्यों है खबर में?

13 जून 2025 को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने Shell India के सहयोग से एक नया संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य युवाओं को ग्रीन स्किल्स एवं इलेक्ट्रिक वाहन (EV) विशेषज्ञता से लैस करना है। यह पहल तब आई है जब भारत अपनी नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को तेज़ी से हासिल करने के लिए प्रयासरत है और EV व नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में कुशल मानवशक्ति की मांग तेजी से बढ़ रही है।

पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य

  • संयुक्त पहल: Shell India एवं महानिदेशालय ‑ प्रशिक्षण (DGT), MSDE के अंतर्गत

  • मिलन: Edunet Foundation के साथ सहयोग में विकसित

  • लक्ष्य:

    • ग्रीन तकनीकों एवं EV रख‑रखाव में कुशल, जॉब-रेडी एवं क्लाइमेट-रेडी कार्यबल तैयार करना

    • भारत की नेट-ज़ीरो विजन और बढ़ती EV अवसंरचना के साथ संरेखण

प्रमुख विशेषताएँ

पाठ्यक्रम अवयव

  • इलेक्ट्रिक वाहन प्रणालियाँ एवं डायग्नोस्टिक्स

  • बैटरी प्रबंधन तकनीकें

  • सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं डिजिटल उपकरण

  • प्रयोगशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं विशेषज्ञ सत्र

लक्षित राज्य

  • दिल्ली‑एनसीआर

  • गुजरात

  • महाराष्ट्र

  • तमिल नाडु

  • कर्नाटक

प्रशिक्षण संरचना

  • राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTIs):

    • 4 स्थानों पर 240-घंटे का एडवांस्ड EV टेक्नीशियन कोर्स

  • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITIs):

    • 12 ITIs में 90-घंटे का जॉब-ओरिएंटेड स्किल्स कोर्स (Shell-प्रायोजित लैब्स के साथ)

    • अतिरिक्त ITIs में 50-घंटे का फाउंडेशनल ग्रीन स्किल्स मॉड्यूल (लैब सुविधाओं के बिना)

  • प्रशिक्षक प्रशिक्षण (ToT):

    • 250 से अधिक प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण

प्रमाणीकरण एवं प्लेसमेंट

  • Shell एवं DGT द्वारा सह-ब्रांडेड प्रमाणपत्र

  • प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए संरचित प्लेसमेंट सहायता

इस पहल का महत्व

  • ग्रीन ऊर्जा जागरूकता और उद्योग-संगत कौशल का संवर्धन

  • उच्च मांग वाले EV एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में युवाओं की रोजगारयोग्यता बढ़ाना

  • उद्योग–शैक्षणिक–सरकारी सहयोग को सुदृढ़ करना

  • भारत के व्यापक जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों का समर्थन

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vikash

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