वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में पुनः निर्वाचित

वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने एक बार फिर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है, जो उनकी लगातार सातवीं विजय है। यह ऐतिहासिक जीत न केवल उनकी कानूनी जगत में मजबूत पकड़ को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अधिवक्ता समुदाय उन पर पूरा विश्वास करता है। गौरतलब है कि मिश्रा न केवल एक प्रख्यात विधि विशेषज्ञ हैं, बल्कि वे बिहार से राज्यसभा सांसद (भाजपा) भी हैं

पुनर्निर्वाचन और अधिवक्ता समुदाय के प्रति आभार

उनके पुनर्निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा के बाद, बीसीआई द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में देशभर के अधिवक्ताओं के समर्थन के प्रति उनका आभार प्रकट किया गया। उन्होंने कहा कि वे वकीलों और कानूनी पेशे के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध हैं। मिश्रा ने बार की स्वतंत्रता बनाए रखने और आवश्यक सुधार लागू करने की अपनी नीति को जारी रखने की बात दोहराई।

मुख्य प्रतिबद्धताएँ और आगामी सुधार

मिश्रा ने अपने कार्यकाल में कानूनी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहलों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संशोधन विधेयक को लागू करने का प्रयास रहेगा, ताकि इसमें वकीलों के हितों की सुरक्षा की जाए और कोई भी विवादास्पद प्रावधान पेशे की गरिमा को प्रभावित न कर सके।

उनकी प्रमुख प्रतिबद्धताएँ इस प्रकार हैं:

  • बार की स्वायत्तता को और मजबूत बनाना ताकि बाहरी हस्तक्षेप को रोका जा सके।
  • युवा वकीलों के लिए संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करना।
  • एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर वकीलों की सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करना।
  • वकील कल्याण योजनाओं में सुधार, जिसमें वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रावधान शामिल होंगे।

बीसीआई के उपाध्यक्ष पद का चुनाव और आगामी घटनाक्रम

जहाँ मिश्रा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है, वहीं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव अभी जारी है। इस पद के लिए दो प्रमुख उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं:

एस. प्रभाकरण (तमिलनाडु एवं पुडुचेरी)

वेद प्रकाश शर्मा (दिल्ली)

इस पद का चुनाव 2 मार्च को होगा, और कार्यकारी समिति के अन्य सदस्यों का चयन भी मिश्रा के नेतृत्व में किया जाएगा।

अधिवक्ता कल्याण और विधि सुधारों पर राष्ट्रीय बैठक

कानूनी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम 17 मई को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जहाँ राज्य बार काउंसिल के सदस्य और अधिवक्ता प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस बैठक में कानूनी पेशे से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी, जैसे:

  • अधिवक्ता कल्याण योजनाएँ: वित्तीय सुरक्षा और अन्य लाभों के प्रस्ताव।
  • एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट: अधिवक्ताओं को दबाव और खतरों से बचाने हेतु कानून पर विमर्श।
  • विधायी नीति चर्चाएँ: न्यायपालिका और विधि विशेषज्ञों को प्रभावित करने वाले नीतिगत विषयों पर विचार-विमर्श।

मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में भारतीय अधिवक्ता समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं और सुधारों की दिशा में ठोस प्रयास जारी रहेंगे।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago