Home   »   भारत के अंटार्कटिक अभियान में शामिल...

भारत के अंटार्कटिक अभियान में शामिल हुए बांग्लादेश और मॉरीशस के वैज्ञानिक

भारत के अंटार्कटिक अभियान में शामिल हुए बांग्लादेश और मॉरीशस के वैज्ञानिक_3.1

भारत का समुद्री अभियान जहाज एमवी वासिली गोलोविन 23 दिसंबर, 2023 की सुबह 43वीं आईएसईए यात्रा के लिए केप टाउन से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकला। इस अभियान में भारत से 21, बांग्लादेश से एक और मॉरीशस से दो सदस्‍य शामिल हैं। इस अभियान में हवाई सहायता के लिए दो हेलीकॉप्टरों- एयरोस्पेशियल 350 बी3 और एक कामोव 32 को लगाया गया है। इसमें कुल नौ सदस्य हैं- जिसका नेतृत्व एनसीपीओआर के अंटार्कटिक ऑपरेशंस ग्रुप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगेश रे कर रहे हैं। व्लादिवोस्तोक में एम/एस फेस्को के 42 चालक दल के सदस्यों की टीम इस समुद्री यात्रा की देखरेख कर रही है।

बांग्लादेश और मॉरीशस के प्रतिभागी भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं, जिसके तहत वर्ष 2023 में मंत्रालय की योजना के अनुसार कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव (सीएससी) के सदस्य और पर्यवेक्षक देशों के वैज्ञानिकों को अद्वितीय अवसर प्रदान किया जा रहा है। ‘हमारा भविष्य हमारे महासागरों के साथ है’ विषय पर पहला समुद्र विज्ञानी और हाइड्रोग्राफर सम्मेलन 15 से 18 नवंबर 2022 तक बहुपक्षीय मंच कोलंबो सुरक्षा कॉन्क्लेव (सीएससी) के तहत आयोजित किया गया था। प्रतिभागी समुद्री यात्रा अभियान का हिस्सा बनने पर उत्साहित हैं और अंटार्कटिक में मिलने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार हैं।

 

भारतीय अभियान

यह जहाज भारतीय अभियान, प्रिंसेस एलिजाबेथ स्टेशन, बेल्जियम (बेलारे) और प्रोग्रेस स्टेशनों पर आपूर्ति के लिए कार्गो के साथ-साथ नोवो हवाई अड्डे के लिए कार्गो से भरा हुआ है, जो एम/एस अल्टिमा अंटार्कटिक लॉजिस्टिक्स, दक्षिण अफ्रीका द्वारा संचालित है। भारतीय कार्गो को दो चरणों- पहला, 20 और 24 नवंबर, 2023 के बीच मोर्मुगाओ के पोर्ट कॉल पर, और दूसरा, 15 और 22 दिसंबर, 2023 के बीच केप टाउन में लोड किया गया था। गोवा में सभी कंटेनर युक्‍त कार्गो, कंटेनर युक्‍त लिविंग मॉड्यूल, भारी मशीनरी, ब्रेकबल्क स्पेयर्स, और ईंधन जहाज पर लादा गया था। वहीं केप टाउन में, स्टेशन फ्यूल टैंक कंटेनर, विशेष रीफर्स कंटेनर, ताजा आपूर्ति, सीएचपी, वाहन स्पेयर, जहाज ईंधन तथा हेलीकॉप्टरों के लिए टॉप अप लोड किया गया था।

 

केप टाउन में ईंधन भरने का कार्य

इस अभियान के लिए, गोवा और केप टाउन बंदरगाहों पर सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम कंपनियों क्रमश: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने ईंधन भरने का काम किया था। पहली बार, किसी भारतीय सार्वजनिक उपक्रम ने केप टाउन में ईंधन भरने का कार्य किया है। एचपीसीएल एविएशन एसबीयू ने आवश्यक ईंधन की आपूर्ति के लिए केप टाउन में एचपीसीएल मध्य पूर्व एफजेडसीओ के जरिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

भारत के अंटार्कटिक अभियान में शामिल हुए बांग्लादेश और मॉरीशस के वैज्ञानिक_4.1

FAQs

बांग्लादेश की राजधानी क्या है?

ढ़ाका बांग्लादेश का सबसे बड़ा शहर व राजधानी है।