वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक के. वी. सुरेश कुमार ने भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के रूप में पदभार ग्रहण किया। ‘फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर’ पर बड़े पैमाने पर काम करने वाले कुमार, कलपक्कम में इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) में ‘रिएक्टर फैसिलिटीज ग्रुप’ के निदेशक थे।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
आईजीसीएआर में कुमार के कार्यकाल के दौरान, ‘फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर’ की क्षमता को इसके डिजाइन क्षमता के 40 मेगावाट तक बढ़ाया गया था। सुरेश कुमार परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा गठित कई समितियों का नेतृत्व करते हुए ‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ की परियोजना डिजाइन सुरक्षा समीक्षा में भी शामिल थे।
भाविनी सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन है। केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक, कुमार 1985 में बीएआरसी प्रशिक्षण स्कूल में परमाणु ऊर्जा विभाग में शामिल हुए थे। वह 1986 में ‘फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर’ के संचालन में शामिल हुए और ‘सोडियम हीटेड स्टीम जनरेटर’, ‘स्टीम वाटर सिस्टम’ और ‘टर्बो जनरेटर’ जैसी विभिन्न प्रणालियों की शुरुआत में शामिल थे।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…
भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…
विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…
98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…
भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…
गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…