भारत की आर्थिक वृद्धि संभावनाओं को एक सकारात्मक संकेत मिला है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के आर्थिक अनुसंधान विभाग ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) में भारत की GDP वृद्धि दर 7.5% रह सकती है, जिसमें ऊर्ध्वगामी रुझान (upward bias) की संभावना भी जताई गई है। यह अनुमान 7 जनवरी 2026 को जारी की गई SBI की प्रसिद्ध ‘इकोरैप (Ecowrap)’ रिपोर्ट में प्रकाशित किया गया।
विशेष रूप से, SBI का यह अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी प्रथम अग्रिम अनुमान (7.4%) से थोड़ा अधिक है और साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 7.3% के अनुमान से भी ऊपर है। इस कारण यह रिपोर्ट UPSC, SSC, बैंकिंग, रेलवे और राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण समसामयिक विषय बन गई है।
परीक्षा उपयोगी संकेत (त्वरित पुनरावृत्ति)
क्या? SBI ने FY 2025–26 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 7.5% रहने का अनुमान लगाया है।
किसके द्वारा? स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) – आर्थिक अनुसंधान विभाग
रिपोर्ट का नाम: इकोरैप (Ecowrap) रिपोर्ट
NSO का अनुमान: 7.4% (प्रथम अग्रिम अनुमान)
RBI का अनुमान: 7.3%
SBI का अनुमान क्यों महत्वपूर्ण है?
SBI की रिपोर्ट में एक अहम विश्लेषण सामने रखा गया है कि आमतौर पर RBI के अनुमान और NSO के अग्रिम अनुमान के बीच का अंतर 20–30 बेसिस प्वाइंट (bps) के भीतर ही रहता है।
मुख्य निष्कर्ष:
SBI के अनुसार, FY26 के लिए NSO का 7.4% अनुमान अपेक्षित और तार्किक है, और इसी कारण SBI का 7.5% पूर्वानुमान सामान्य विचलन सीमा के भीतर पूरी तरह फिट बैठता है।
यह विश्लेषण GDP वृद्धि अनुमान की विश्वसनीयता को मज़बूत करता है और भारत की अर्थव्यवस्था में लगातार गति (economic momentum) बने रहने का संकेत देता है।
भारत GDP अवलोकन (FY 2025–26)
वास्तविक GDP (Real GDP) अनुमान – NSO के अनुसार
- वास्तविक GDP: ₹201.90 लाख करोड़
- वृद्धि दर: 7.4% (FY26)
यह आंकड़ा महंगाई के प्रभाव को हटाकर अर्थव्यवस्था की वास्तविक गतिविधियों में मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
नाममात्र GDP (Nominal GDP) का अनुमान
(महंगाई के प्रभाव सहित)
- नाममात्र GDP वृद्धि दर: 8.0%
- नाममात्र GDP मूल्य: ₹357.13 – ₹357.14 लाख करोड़
नाममात्र GDP क्यों महत्वपूर्ण है?
नाममात्र GDP का सीधा उपयोग सरकार द्वारा किया जाता है:
- बजट निर्माण में
- कर राजस्व के अनुमान में
- राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) की गणना में
- आर्थिक नीतियों और योजना निर्माण में
इसलिए FY26 में नाममात्र GDP में अपेक्षाकृत तेज़ वृद्धि सरकारी वित्तीय प्रबंधन के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
तुलना: एसबीआई बनाम एनएसओ बनाम आरबीआई
| संस्था | FY26 जीडीपी विकास अनुमान |
|---|---|
| एसबीआई (इकोव्रैप रिपोर्ट) | 7.5% |
| एनएसओ (पहला अग्रिम अनुमान) | 7.4% |
| आरबीआई | 7.3% |
यह तुलना एग्जाम MCQs और इंटरव्यू डिस्कशन के लिए बहुत उपयोगी है।


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