स्वीडिश रक्षा कंपनी साब (Saab) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर लेज़र वार्निंग सिस्टम-310 (LWS-310) के निर्माण में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 13 फरवरी 2025 को हुआ, जिसका उद्देश्य भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूत करना और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इस उन्नत लेज़र वार्निंग सिस्टम का घरेलू निर्माण सुनिश्चित करना है।
इस MoU का मुख्य उद्देश्य LWS-310 प्रणाली के उत्पादन और रखरखाव के लिए एक संरचित साझेदारी स्थापित करना है। इसके तहत, साब मेंटेनेंस ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) के माध्यम से HAL को महत्वपूर्ण रखरखाव तकनीक हस्तांतरित करेगा। इससे भारत में इस एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम को बनाए रखने और आवश्यक क्षमताओं का विकास संभव होगा।
LWS-310 एक उन्नत प्रणाली है जो लेज़र-आधारित खतरों का तेजी से और सटीकता से पता लगाकर, लड़ाकू वाहनों को प्रभावी प्रतिक्रिया देने में मदद करती है। यह प्रणाली लेज़र-गाइडेड हथियारों से बचाव के लिए शुरुआती चेतावनी प्रदान करती है, जिससे सैन्य संपत्तियों की सर्वाइवल क्षमता बढ़ती है।
साब और HAL के बीच रक्षा सहयोग की एक लंबी इतिहास रहा है:
साब इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मैट्स पाल्मबर्ग ने कहा कि यह समझौता भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में साब की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस साझेदारी से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत के लिए एक सुरक्षित और स्थायी आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित होगी।
साब और HAL का यह सहयोग भारत के रक्षा आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस करेगा, बल्कि रक्षा निर्माण में भारत की वैश्विक पहचान को भी मजबूत करेगा।
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