भारत परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 26 अरब डॉलर का निजी निवेश चाहता है। निवेशकों में रिलायंस, टाटा, अडानी, वेदांता शामिल हैं। निजी कंपनियाँ संयंत्र निर्माण का वित्तपोषण करती हैं एवं एनपीसीआईएल परिचालन अधिकार को बनाए रखता है।
भारत सरकार अपने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में 26 अरब डॉलर के निजी निवेश को आमंत्रित करने के लिए तैयार है। इस पहल का लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित बिजली उत्पादन को 50% तक बढ़ाने के भारत के लक्ष्य के अनुरूप गैर-कार्बन उत्सर्जक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है।
भारत ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित किया। आईसीसी अंडर-19 पुरुष…
नीति आयोग ने आंध्र प्रदेश के लिए एक महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा योजना पेश की है।…
भारत के निशानेबाज़ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/पिस्टल…
भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC) ने भारत के छोटे कारोबारों को…
सरकार ने भारत टैक्सी की शुरुआत की है, जो भारत का पहला सहकारी आधारित राइड-हेलिंग…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ सीधा संवाद…