भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अहमदाबाद में 29वीं स्थायी सलाहकार समिति (SAC) बैठक आयोजित की, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को ऋण प्रवाह की समीक्षा और सुदृढ़ीकरण करना था। यह बैठक आरबीआई के डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे की अध्यक्षता में हुई, जिसमें संस्थागत ऋण समर्थन, वित्तीय चुनौतियों और डिजिटल समाधान को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। बैठक में वैकल्पिक क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल, डिजिटल लेंडिंग फ्रेमवर्क और उचित ऋण प्रथाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे एमएसएमई को पारदर्शी और सुलभ वित्तीय सेवाएं मिल सकें।
| श्रेणी | विवरण |
| क्यों चर्चा में? | एमएसएमई ऋण प्रवाह पर 29वीं स्थायी सलाहकार समिति (SAC) बैठक |
| अध्यक्ष | स्वामीनाथन जे, डिप्टी गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | एमएसएमई ऋण प्रवाह को बढ़ावा देना, डिजिटल लेंडिंग, उचित ऋण प्रथाएँ |
| प्रमुख पहलों पर चर्चा | यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI), अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क, नियामक सैंडबॉक्स |
| पहचानी गई चुनौतियाँ | वित्तीय साक्षरता की कमी, जानकारी की असमानता, देरी से भुगतान |
| प्रस्तावित समाधान | डिजिटल समाधान, वैकल्पिक क्रेडिट मूल्यांकन, TReDS को अपनाना |
| उचित ऋण प्रथाएँ | पारदर्शिता, सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण, एमएसएमई क्षमता निर्माण |
| समग्र लक्ष्य | भारत में एमएसएमई के लिए संस्थागत ऋण समर्थन को मजबूत बनाना |
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