भारतीय रिजर्व बैंक ने 2019 में 1,50,000 करोड़ रुपये की निवेश सीमा के साथ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors – FPI) द्वारा ऋण में निवेश के लिए स्वैच्छिक रिटेंशन मार्ग (Voluntary Retention Route – VRR) की शुरुआत की थी। इसमें से अब तक तीन चरणों में लगभग 1,49,995 करोड़ रुपये का लाभ उठाया जा चुका है। अब आरबीआई ने वीआरआर में निवेश की यह सीमा 1,50,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,50,000 करोड़ रुपये कर दी है।
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बढ़ी हुई निवेश सीमा निम्नलिखित विवरण के अनुसार 01 अप्रैल, 2022 से आवंटन के लिए खुली होगी:
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