भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंक ऋण की डिलीवरी के लिए ऋण प्रणाली को संशोधित करने के लिए मसौदे दिशानिर्देश जारी किए है, जिससे बैंकिंग प्रणाली से कार्यशील पूंजी सुविधा का लाभ लेने वाले बड़े उधारकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए नियम कठोर हो गए है.
मसौदा बड़े उधारकर्ताओं द्वारा प्राप्त नकद क्रेडिट के अनचाहे हिस्से के लिए फंड आधारित कार्यकारी पूंजी वित्त और अनिवार्य क्रेडिट रूपांतरण फैक्टर (CCF) में न्यूनतम स्तर का ऋण घटक निर्दिष्ट करता है.
स्रोत-दि इकोनॉमिक टाइम्स
SBI PO/Clerk परीक्षा 2018 के लिए उपरोक्त समाचार से परीक्षा उपयोगी तथ्य
- उर्जित पटेल- आरबीआई के 24 वें गवर्नर, मुख्यालय– मुंबई, 1 अप्रैल 1935 को कोलकाता में स्थापित किया गया।









G7 Summit 2026: फ्रांस म...
दुनिया का सबसे ...
भारत में कहाँ ह...


