सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी को लेकर मजबूत संकेत देते हुए, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने तीन सहकारी बैंकों पर महत्वपूर्ण मौद्रिक दंड लगाए हैं। यह कार्रवाई Co-op Kumbh 2025 (नई दिल्ली) के दौरान हुई—एक अंतरराष्ट्रीय सहकारी क्रेडिट सम्मेलन, जहाँ डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन और पारदर्शिता प्रमुख विषय थे।
जुर्माना: ₹2 लाख
उल्लंघन: बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 20 का उल्लंघन
धारा 20: बैंक को अपने निदेशकों या उनसे संबंधित संस्थाओं को ऋण देने से रोकती है।
यह प्रावधान हितों के टकराव और धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जुर्माना: ₹1.5 लाख
उल्लंघन: RBI के निम्न निर्देशों का पालन न करना—
कैपिटल एडिक्वेसी हेतु प्रूडेंशियल नॉर्म्स (Urban Co-op Banks के लिए)
KYC दिशानिर्देश
ये मानदंड पूंजी की मजबूती बनाए रखने और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए आवश्यक हैं।
जुर्माना: ₹50,000
उल्लंघन: KYC अनुपालन में चूक
दंड धारा 47A(1)(c) तथा धारा 46(4)(i) और धारा 56 के तहत लगाया गया।
धारा 20: निदेशकों/संबंधित पक्षों को ऋण देने पर रोक
धारा 47A(1)(c): RBI को दंडात्मक कार्रवाई की शक्ति देता है
धारा 46(4)(i) और 56: सहकारी बैंकों पर लागू दंड के प्रावधान
इनका उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है।
यह कदम RBI की सख्त नियामक सतर्कता को दर्शाता है—एक ऐसा क्षेत्र जिसने अक्सर कमजोर गवर्नेंस और कमज़ोर अनुपालन के लिए आलोचना झेली है।
मुख्य संदेश:
पूंजी पर्याप्तता के मानकों का पालन अनिवार्य
KYC नियमों का पालन वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए ज़रूरी
संबंधित-पक्ष लेनदेन से बचना गवर्नेंस के लिए आवश्यक
Co-op Kumbh 2025 के दौरान यह कार्रवाई और भी प्रासंगिक हो जाती है, जहाँ शहरी सहकारी क्रेडिट संस्थाओं के भविष्य पर चर्चा हो रही थी।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में वित्तीय समावेशन में सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में नियमों का पालन न करना गंभीर चिंता का विषय है। RBI का यह संदेश साफ है—अपालन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं।
यह घटना बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षाओं और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए भी महत्वपूर्ण है, विशेषकर—
अनुपालन (Compliance)
KYC/AML
जोखिम प्रबंधन
जुर्माना तिथि: 6 नवंबर 2025
जुर्माना लगे बैंक:
मुंबई डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑप बैंक – ₹2 लाख
करैकुडी को-ऑप टाउन बैंक – ₹1.5 लाख
एलुरु डिस्ट्रिक्ट को-ऑप सेंट्रल बैंक – ₹50,000
मुख्य कानूनी धाराएँ: 20, 47A(1)(c), 46(4)(i), 56
मुख्य उल्लंघन: निदेशकों को ऋण, KYC चूक, कैपिटल एडिक्वेसी नॉर्म्स का उल्लंघन
प्रसंग: Co-op Kumbh 2025, नई दिल्ली
नियामक संस्था: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)
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