भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने चालू वित्त वर्ष में ब्याज दरों को स्थिर रखा है। तीन दिनों तक चली बैठक में समिति ने रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है। आरबीआई का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023-24 में महंगाई दर 4 फीसदी से ऊपर ही बनी रहेगी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित रिटेल महंगाई दर अप्रैल 2023 में 18 महीनों के निचले स्तर 4.7 फीसदी पर पर आ गई थी।
आरबीआई रेपो रेट वह दर होती है, जिसपर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कमर्शियल बैकों को लोन देता है। जब आरबीआई का रेपो रेट बढ़ती है, तो बैकों को आरबीआई से महंगा लोन मिलता है। बैंक को महंगा लोन मिलेगा तो बैंक अपने ग्राहकों को भी महंगा लोन बांटेगी। यानी रेपो रेट बढ़ने का बोझ बैंक से होते हुए ग्राहकों तक पहुंच जाता है।
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