भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट 50 बेसिस पॉइंट बढ़ाया। जिसके बाद यह तीन साल के उच्च स्तर 5.9 प्रतिशत पर पहुंच गया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 30 सितंबर 2022 को घोषणा की कि केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 50 आधार अंक (bps) बढ़ाकर तीन साल के उच्च स्तर 5.9 प्रतिशत कर दिया है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू होंगे।
यहां चर्चा कर दें कि रेपो दर का सीधा संबंध बैंक से लिए जाने वाले लोन से है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई (RBI) बैंकों को कर्ज देने का काम करता है।
रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर लोगों पर पड़ेगा और कर्ज महंगा हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों की बोरोइंग कॉस्ट बढ़ेगा। इसके बाद बैंक अपने ग्राहकों पर इसका बोझ डालने का काम करेंगे। होम लोन पर इसका असर तो पड़ेगा ही, साथ ही ऑटो लोन और अन्य लोन भी महंगे हो जाएंगे।
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