भारतीय रिज़र्व बैंक ने ऋणदाताओं/बैंकों को ऐसे ऋणों के हस्तांतरण की अनुमति दी है जिन्हें इन उधारदाताओं द्वारा परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों (Asset Reconstruction Companies – ARCs) को धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 60 दिनों से अधिक के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से या एनपीए के रूप में वर्गीकृत धोखाधड़ी वाले ऋणों सहित तनावग्रस्त ऋणों को एआरसी में स्थानांतरित करने की अनुमति है। यह बैंकों द्वारा FY19 और FY21 के बीच कुल 3.95 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग के मद्देनजर आता है।
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नए दिशानिर्देश:
विभिन्न वित्तीय वर्षों के लिए बैंकों द्वारा धोखाधड़ी के रूप में घोषित ऋणों के आंकड़े यहां दिए गए हैं:
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