केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी विभागों के रवैये पर नाराजगी जताई है। इसने कहा है कि सरकारी विभागों ने 55 मामलों में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को दंडित करने की सिफारिशों को नहीं माना है। रेल मंत्रालय के सामने 11 ऐसे मामले हैं, जिनमें सिफारिशें नहीं मानी गई हैं।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
सीवीसी की वार्षिक रिपोर्ट-2021 में कहा गया कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी), बैंक आफ इंडिया और दिल्ली जल बोर्ड में ऐसे चार-चार मामले हैं। महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने तीन मामलों में अपने कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। सीवीसी के अनुसार, अनियमितताओं और खामियों के गंभीर मामले सामने आए हैं।
कुछ मामलों में असहमति के मुद्दों पर सीवीसी या कार्मिक विभाग के साथ परामर्श नहीं किया गया, तो कुछ में सलाह लेने में देरी की गई। कुछ मामलों में नियमों की जानकारी नहीं होने या अनदेखी के चलते अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई। आयोग ने पाया कि 2021 में उसकी कुछ अहम सिफारिशों को नहीं माना गया।
Find More Miscellaneous News Here









G7 Summit 2026: फ्रांस मà¥...
दुनिया का सबसे à...
भारत में कहाँ हà...


