राष्ट्रपति ने कर्नाटक विधानसभा द्वारा पारित किए गए विधेयक जिसमे पारंपरिक भैंस दौड़ ‘कम्बाला’ को अपनी अनुमति दी. भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड (1) के प्रावधान के अनुसरण में, भारत के राष्ट्रपति ने कर्नाटक के गवर्नर द्वारा ‘द प्रीवेन्शन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल (कर्नाटक संशोधन) अध्यादेश, 2017’ को मंजूरी दी है.
सार्वजनिक दबाव में, कर्णाटक में परंपरागत भैंस की दौड़ ‘कंम्बला’ और बैलगाड़ी दौड़ को वैध बनाने का विधेयक, राज्य विधानसभा में फरवरी में पारित किया गया था जिसमें सभी दलों ने इस कदम का समर्थन किया था. पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम, 1960, को कर्नाटक में अपने आवेदन में बिल में बदल दिया गया था जो कम्बाला की आवाज उठाने के बाद पेश किया गया था, यह तमिलनाडु में समर्थक-जल्लिकट्टू की सफलता से प्रेरित है.
उपरोक्त समाचारों से महत्वपूर्ण तथ्य-
- कम्बाला एक वार्षिक बफेलो रेस है जो परंपरागत रूप से स्थानीय जमींदारों और परिवारों के प्रायोजन के तहत तटीय कर्नाटक, भारत में आयोजित किया जाता है.
- वजूभाई वाला कर्नाटक के राज्यपाल है.
स्त्रोत- News 18









G7 Summit 2026: फ्रांस म...
दुनिया का सबसे ...
भारत में कहाँ ह...


