2025 में पीएम नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी 2025 में फ्रांस यात्रा भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। यह यात्रा रणनीतिक चर्चाओं, उच्च-स्तरीय राजनयिक बैठकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, परमाणु ऊर्जा और व्यापार में सहयोग को बढ़ावा देने वाले समझौतों से भरपूर रही। इस दौरे के दौरान ऐतिहासिक संबंधों और जन-से-जन संपर्क को भी प्रमुखता दी गई, जिससे भारत के वैश्विक प्रभाव को और अधिक सशक्त किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा की प्रमुख झलकियाँ

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिखर सम्मेलन और तकनीकी सहयोग

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर तीसरे अंतरराष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिखर सम्मेलन (AI एक्शन समिट) की सह-अध्यक्षता की। इस सम्मेलन का उद्देश्य जिम्मेदार AI विकास, सभी के लिए AI तकनीक की समान उपलब्धता और खुले स्रोत (ओपन-सोर्स) AI प्रणालियों के माध्यम से पारदर्शिता को बढ़ावा देना था। इस वैश्विक मंच ने नवाचार, आर्थिक विकास और डिजिटल विभाजन को कम करने में AI की भूमिका को रेखांकित किया।

मार्सिले में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से फ्रांस के मार्सिले शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक क्षण था क्योंकि पहली बार किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने किसी विदेशी वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन में भाग लिया। यह नया दूतावास भारत-फ्रांस व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और वाणिज्यिक सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने मार्सिले के मज़ार्ग युद्ध कब्रिस्तान (Mazargues War Cemetery) में प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस ऐतिहासिक कृत्य ने भारत और फ्रांस के बीच ऐतिहासिक संबंधों को उजागर किया और वैश्विक युद्धों में भारतीय सैनिकों के बलिदान को सम्मानित किया। राष्ट्रपति मैक्रों भी इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

परमाणु ऊर्जा एवं विज्ञान क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग

परमाणु संलयन (फ्यूज़न) तकनीक में भागीदारी

पीएम मोदी ने कैदारेच (Cadarache) स्थित अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर (ITER) सुविधा का दौरा किया, जहाँ भारत एक प्रमुख भागीदार है। यह परियोजना स्वच्छ और सतत ऊर्जा के विकास के लिए विश्व की सबसे महत्वाकांक्षी शोध परियोजनाओं में से एक है। इस दौरे ने वैज्ञानिक अनुसंधान में भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और भारत की ऊर्जा क्षमताओं को विकसित करने में फ्रांस की भूमिका को भी रेखांकित किया।

छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (Small Modular Reactors) पर समझौता

यात्रा का एक महत्वपूर्ण परिणाम भारत और फ्रांस के बीच उन्नत और छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों पर सहयोग स्थापित करने की घोषणा थी। इस समझौते का उद्देश्य सतत ऊर्जा उत्पादन के लिए नवीन समाधानों का विकास करना है, जिससे भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता में वृद्धि होगी।

आर्थिक और व्यापारिक प्रभाव

भारत-फ्रांस सीईओ फोरम

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने 14वें भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में भाग लिया, जिसमें एयरोस्पेस, रक्षा, नवाचार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे सहित प्रमुख क्षेत्रों के व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया। इस मंच पर निवेश के अवसरों, रक्षा और असैनिक परमाणु ऊर्जा में सहयोग को लेकर चर्चा हुई। यह मंच भारत और फ्रांस की कंपनियों के बीच दीर्घकालिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने भारत-फ्रांस संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में गहराई से मजबूत किया, जिसमें AI, परमाणु ऊर्जा, व्यापार और निवेश शामिल हैं। इस दौरे ने न केवल रणनीतिक सहयोग को मजबूत किया बल्कि भविष्य के लिए दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव भी रखी।

विषय विवरण
क्यों चर्चा में? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2025 में फ्रांस का दौरा किया, जहां उन्होंने AI एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की, मार्सिले में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया, मज़ार्ग युद्ध कब्रिस्तान में श्रद्धांजलि अर्पित की, आईटीईआर फ्यूज़न परियोजना का दौरा किया, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए और भारत-फ्रांस सीईओ फोरम में भाग लिया।
AI एक्शन समिट पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की सह-अध्यक्षता में आयोजित; नैतिक AI, ओपन-सोर्स सिस्टम और डिजिटल समावेशिता पर केंद्रित।
भारतीय वाणिज्य दूतावास, मार्सिले मार्सिले में पहला भारतीय वाणिज्य दूतावास; पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने किया उद्घाटन।
मज़ार्ग युद्ध कब्रिस्तान में श्रद्धांजलि पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में लड़ने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
आईटीईआर फ्यूज़न परियोजना का दौरा कैदारेच, फ्रांस में स्थित; भारत परमाणु संलयन अनुसंधान में प्रमुख भागीदार।
परमाणु सहयोग समझौता भारत और फ्रांस ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग के लिए घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिससे सतत परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-फ्रांस सीईओ फोरम रक्षा, असैनिक परमाणु ऊर्जा, एयरोस्पेस और बुनियादी ढांचे में व्यापार सहयोग पर चर्चा हुई।
फ्रांस – स्थिर तथ्य राजधानी: पेरिस, राष्ट्रपति: इमैनुएल मैक्रों, मुद्रा: यूरो, प्रधानमंत्री: फ्रांस्वा बायरू।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

जनवरी में GST कलेक्शन ₹1.93 लाख करोड़ के पार क्यों पहुंचा?

भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…

2 mins ago

जानें कौन हैं एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया, जिन्होंने संभाली ईस्टर्न एयर कमांड की कमान

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…

2 hours ago

16वें वित्त आयोग ने 41% हिस्सेदारी का बंटवारा क्यों बनाए रखा?

केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…

2 hours ago

16.5% हिस्सेदारी के साथ कौन-सा राज्य बना भारत का नवीकरणीय ऊर्जा पावरहाउस?

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…

2 hours ago

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026: प्रकृति के जीवनदायी पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण का संकल्प

World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…

3 hours ago

रूमेटॉइड आर्थराइटिस जागरूकता दिवस 2026: गठिया के प्रति समझ और जागरूकता का संकल्प

रूमेटॉइड आर्थराइटिस को अक्सर केवल जोड़ों के दर्द के रूप में समझ लिया जाता है,…

5 hours ago