नेशनल पेरेंट्स डे, हर साल जुलाई के चौथे रविवार को मनाया जाता है। यह दिन माता-पिता और उनके निस्वार्थ प्यार और त्याग को समर्पित है। इस साल यह दिवस 23 जुलाई को मनाया गया। माता-पिता को इस धरती पर भगवान का दूसरा रूप माना जाता है। माता पिता ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम होते हैं। हर साल माता-पिता के प्यार और आशीर्वाद के लिए पैरेंट्स डे मनाया जाता है।
नेशनल पेरेंट्स डे का बहुत महत्व है क्योंकि यह एक वार्षिक उत्सव है, जो अपने बच्चों के जीवन को आकार देने में माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम, बलिदान और मार्गदर्शन के प्रति सम्मान और सराहना करने के लिए समर्पित है। यह दिन भावनात्मक रूप से मजबूत पारिवारिक संबंधों को बढ़ावा देने और भावी पीढ़ी का पोषण करने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका को उजाकर करता है। साथ ही यह माता-पिता के प्रति आभार और प्यार जताने का भी दिन है।
नेशनल पेरेंट्स डे को मनाने की शुरुआत 8 मई 1973 को दक्षिण कोरिया में हुई थी। हालांकि दक्षिण कोरिया में इस दिन को सेलिब्रेट करने के 8 मई का दिन चुना गया था। वहीं पेरेंट्स डे को ऑफिशियली तौर पर सेलिब्रेट करने की शुरुआत 1994 में अमेरिका में हुई। इस दिन को जब मनाया गया तो वह दिन जुलाई का चौथा रविवार था। इस तरह से यह हर साल जुलाई के चौथे रविवार को मनाया जाने लगा। ये दिन अलग अलग देशों में अलग अलग दिन मनाया जाता है। फिलीपींस में दिसंबर महीने के पहले सोमवार को, वियतनाम में 7 जुलाई को वहीं रूस और श्रीलंका में 1 जून को ग्लोबल पेरेंट्स डे मनाया जाता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]भारत ने अपने कंटेनर ट्रेड पर फिर से कंट्रोल पाने के लिए एक बड़ा कदम…
भारत के स्वच्छता और सतत विकास अभियान के तहत पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने उत्कृष्ट प्रदर्शन…
कई महीनों की राजनीतिक अनिश्चितता के बाद मणिपुर में नई सरकार का गठन होने जा…
वरिष्ठ नौकरशाही नियुक्तियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने…
भारत और किर्गिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर का 13वां संस्करण 4 से 17…
असम सरकार ने 02 फरवरी 2026 को कोच वंश के दरांग राजाओं की विरासत के…