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FATF ने पाकिस्तान को जून तक ग्रे लिस्ट में रखने का किया फैसला

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पाकिस्तान जून 2020 तक FATF की ग्रे लिस्ट में बना रहेगा। यह फैसला पेरिस में 16 से 21 फरवरी चली मनी लॉन्ड्रिंग पर निगरानी रखने वाली ग्रुप की बैठक और प्लेनरी के खत्म होने के बाद लिया गया। अक्टूबर में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (Financial Action Task Force) द्वारा पाकिस्तान को आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य को धन की फंडिंग पर रोक लगाने में विफल रहने के लिए ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला किया था।

क्या करता हैं वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF)?


Financial Action Task Force फोर्स यानि वित्तीय कार्रवाई कार्यबल एक अंतर-सरकारी निकाय है जिसकी स्थापना 1989 में इसके सदस्य न्यायालयों के मंत्रियों द्वारा की गई थी। एफएटीएफ का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषण और अन्य संबंधित खतरों से निपटने के लिए कानूनी, विनियामक के मानकों को निर्धारित करना और परिचालन उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है। इसलिए, एफएटीएफ एक “नीति-निर्माण निकाय” के तौर पर कार्य करता है जो इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय विधायी और नियामक सुधार लाने के लिए आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति उत्पन्न करने के लिए काम करता है।
एफएटीएफ अपने सदस्यों की मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण तकनीकों और काउंटर-उपायों की समीक्षा और आवश्यक उपायों को लागू करने की प्रगति की निगरानी करता है, साथ ही विश्व स्तर पर किए जा रहे उपयुक्त उपायों को अपनाने और लागू करने को बढ़ावा देता है। एफएटीएफ अन्य अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली के दुरुपयोग होने से बचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर की कमजोरियों की पहचान करने का काम करता है।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
  • FATF का मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में है।
  • FATF की स्थापना जुलाई 1989 में हुई थी
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