UNSC में अस्थायी सदस्य के रूप में पाकिस्तान का दो साल का हुआ कार्यकाल शुरू

1 जनवरी 2025 को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में दो साल के अस्थायी सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया। यह पाकिस्तान का 15-सदस्यीय परिषद में आठवां कार्यकाल है, जिसमें उसने जापान को एशियाई प्रतिनिधि के रूप में प्रतिस्थापित किया। राजदूत मुनिर अकरम ने वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में पाकिस्तान की “सक्रिय और रचनात्मक” भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मुख्य विवरण

  • चुनाव और कार्यकाल: पाकिस्तान ने 193 सदस्यीय महासभा में 182 मतों के साथ अपनी सीट जीती, जो आवश्यक दो-तिहाई बहुमत से अधिक थी। इसका कार्यकाल 1 जनवरी 2025 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा।
  • अध्यक्षता और समितियां: जुलाई 2025 में पाकिस्तान UNSC की अध्यक्षता करेगा और परिषद का एजेंडा निर्धारित करेगा। इसके अलावा, पाकिस्तान इस्लामिक स्टेट (ISIS) और अल-कायदा प्रतिबंध समिति में भी सेवाएं देगा, जो आतंकवादी संगठनों को नामित करने और प्रतिबंध लगाने के लिए जिम्मेदार है।
  • ऐतिहासिक संदर्भ: UNSC में यह पाकिस्तान का आठवां कार्यकाल है। इसके पहले के कार्यकाल 2012-13, 2003-04, 1993-94, 1983-84, 1976-77, 1968-69 और 1952-53 में थे।
  • वैश्विक चुनौतियां: राजदूत अकरम ने वर्तमान भू-राजनीतिक अशांति, प्रमुख शक्तियों के बीच गहन प्रतिस्पर्धा, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका में चल रहे संघर्षों, और बढ़ती हथियारों की होड़ का उल्लेख किया। उन्होंने शांति को बढ़ावा देने, विवादों को हल करने और आतंकवाद से लड़ने में पाकिस्तान की भूमिका पर जोर दिया।
  • क्षेत्रीय गतिशीलता: पाकिस्तान का कार्यकाल क्षेत्रीय मुद्दों जैसे कश्मीर विवाद और मध्य एवं पश्चिम एशिया में राजनीतिक संकटों के साथ मेल खाता है। राजदूत अकरम ने कश्मीर मुद्दे को उजागर करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कदम उठाने की मांग करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराया।
समाचार में क्यों मुख्य बिंदु
पाकिस्तान ने UNSC में दो साल का कार्यकाल शुरू किया। – कार्यकाल 1 जनवरी 2025 से शुरू हुआ और 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।
पाकिस्तान ने UN महासभा में 182 वोट प्राप्त किए। – UNSC में पाकिस्तान का आठवां कार्यकाल।
जुलाई 2025 में पाकिस्तान UNSC की अध्यक्षता करेगा। – शांति को बढ़ावा देने, विवादों को हल करने और वैश्विक संघर्षों को संबोधित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
पाकिस्तान ISIS और अल-कायदा प्रतिबंध समिति में सेवाएं देगा। – आतंकवादी संगठनों को नामित करने और प्रतिबंध लगाने के लिए जिम्मेदार।
पहले UNSC कार्यकाल: 2012-13, 2003-04, 1993-94, 1983-84, 1976-77, 1968-69, 1952-53। – वैश्विक शांति और सुरक्षा में पाकिस्तान की भूमिका।
राजदूत मुनिर अकरम ने पाकिस्तान की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका की प्रतिबद्धता दोहराई। – पाकिस्तान वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों को संबोधित करेगा।
राजदूत अकरम द्वारा प्रमुख मुद्दे उजागर किए गए: भू-राजनीतिक अशांति, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका में संघर्ष, और हथियारों की होड़। – आतंकवाद से लड़ने और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित।
पाकिस्तान ने अपने कार्यकाल के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाने की योजना बनाई। – कश्मीर विवाद पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कार्रवाई की वकालत।
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vikash

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