संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने रोम, इटली में अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष – 2023 (IYM2023) के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया। उद्घाटन समारोह में कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल उपस्थित था। भारत मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही पौष्टिक माने जाने वाले मोटे अनाजों के सेवन को बढ़ावा देने के लिए अभियान भी चलाएगा। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। उन्होंने यह बात इटली की राजधानी रोम में आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष-2023’ के उद्घाटन समारोह में भेजे गए अपने संदेश में कही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज (मिलेट) वर्ष 2023’ के जश्न को आगे बढ़ाएगा और पौष्टिक अनाज की खेती एवं सेवन को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाएगा। ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष-2023’ के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे गईं हैं। करंदलाजे ने उद्घाटन समारोह के लिए भेजे गए प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को सुनाया। बयान के अनुसार, मोदी ने कहा कि भारत ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष 2023’ के जश्न को दुनिया भर में ले जाएगा और पौष्टिक अनाजों की खेती एवं उनके सेवन को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सराहना की। उन्होंने मोटे अनाज को प्रोत्साहन देने के लिए मोटा अनाज वर्ष के आयोजन का भारत का प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए विश्व समुदाय को धन्यवाद भी दिया। मोदी ने अपने संदेश में कहा कि मोटे अनाज को उपभोक्ता, उत्पादक एवं जलवायु के लिए अच्छा माना जाता है। ये पौष्टिक होने के साथ कम पानी वाली सिंचाई से भी उगाए जा सकते हैं।
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